भारतीय टीम लगातार दूसरी बार AFC अंडर-17 महिला एशियन कप में जगह बनाने की दहलीज पर खड़ी है। अब उसे मलेशिया की कड़ी चुनौती का सामना करना है। रविवार (11 अक्टूबर) को ग्रुप-E के इस निर्णायक मुकाबले में भारत को क्वालिफिकेशन पक्का करने के लिए सिर्फ हार से बचना है, जबकि मलेशिया को अगले राउंड में पहुंचने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दोनों टीमों ने अपने शुरुआती दो मैच जीते हैं और उनके खाते में छह-छह अंक हैं। हालांकि भारत की स्थिति 16 गोल दागने के कारण मजबूत है। 

 

मलेशिया के खाते में पांच गोल हैं। हेड कोच जोकिम अलेक्जेंडरसन की टीम को ग्रुप में टॉप स्थान के साथ क्वालिफाई करने के लिए केवल हार से बचना है। क्वालिफायर के आठ ग्रुपों की विजेता टीमें ही AGC अंडर-17 महिला एशियन कप कप 2027 में जगह बनाएंगी। उनके साथ मौजूदा चैंपियन नॉर्थ कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और मेजबान चीन भी टूर्नामेंट में खेलेंगे। इन चार टीमों ने 2026 सीजन में टॉप-4 में रहने के कारण डायरेक्ट क्वालिफिकेशन हासिल किया है।

 

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पिछले बार क्वार्टर-फाइनल तक पहुंचा था भारत

भारत ने पिछले सीजन में क्वार्टर-फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। रविवार को जीत या ड्रॉ हासिल करने पर भारतीय टीम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर सकती है। यह अंडर-17 टीम लगातार दो महिला एशियन कप कप में जगह बनाने वाली पहली भारतीय टीम बन जाएगी। कोच अलेक्जेंडरसन ने खिलाड़ियों को केवल ड्रॉ के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरने की जगह जीत की मानसिकता के साथ मुकाबला करने की सलाह दी है।  

 

उन्होंने कहा, 'हमें मैच में जीत के इरादे से उतरना होगा। युवा खिलाड़ियों से यह कहना मुश्किल है कि ड्रॉ भी पर्याप्त होगा। हम मुकाबला जीतने की कोशिश करेंगे लेकिन साथ ही हमें आक्रमण करते समय अधिक समझदारी दिखानी होगी और सही संतुलन बनाना होगा।'

 

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भारत की स्थिति मजबूत

भारत ने अलग-अलग अंदाज में दोनों जीत दर्ज करते हुए खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। टीम ने अभियान की शुरुआत इराक को 14-0 से रौंदकर की थी। भारतीय टीम ने इसके बाद सीरिया के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करते हुए 2-0 से जीत हासिल की। भारत की ओर से 15 वर्षीय अनुष्का कुमारी ने अब तक 7 गोल दागे हैं। उन्होंने इराक के खिलाफ 5 और सीरिया के खिलाफ 2 गोल किए हैं। 

 

अनुष्का ने कहा, '7 गोल करके बहुत अच्छा लग रहा है लेकिन यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है। मेरी साथी खिलाड़ी मौके बना रही हैं और मुझे पास दे रही हैं। मैं उन मौकों को गोल में बदलने की कोशिश कर रही हूं। यह पूरी टीम का प्रयास है। हम सभी ने बहुत मेहनत की है। मैं टीम और कोच की ओर से मिले समर्थन के लिए आभारी हूं।'

 

कोच ने खिलाड़ियों को लगातार याद दिलाया है कि शुरुआती दो मैचों में मिली जीत का कोई खास महत्व नहीं रह जाएगा, अगर टीम निर्णायक मुकाबले में अपना लेवल बरकरार नहीं रख पाती। स्वीडन के अलेक्जेंडरसन ने कहा, 'भले ही बाहर के लोगों को लगता हो कि हम प्रबल दावेदार हैं लेकिन हमें हमेशा विनम्र रहना होगा, चाहे सामने कोई भी टीम हो। हर खेल में विनम्र रहना और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना जरूरी है। आत्मविश्वास भी महत्वपूर्ण है। आपको अपने खेल और अपनी तैयारियों पर भरोसा होना चाहिए लेकिन मैच में कड़ी मेहनत करना भी उतना ही जरूरी है।'