भुवनेश्वर में हो रहे नेशनल इंटर-स्टेट चैंप‍ियनश‍िप में अधिकारी बड़ा ब्लंडर कर बैठे। वे विमेंस 400 मीटर हर्डल रेस में एक हर्डल लगाना भूल गए, जिसकी कीमत एथलीट को चुकानी पड़ी। तमिलनाडु की आर हर्षिता को भीषण गर्मी में अकेले दोबारा दौड़ना पड़ा, जिसके चलते वह फाइनल में क्वालिफाई करने से चूक गईं। दरअसल, हर्षिता ने शुक्रवार (26 जून) को हीट-1 में एक मिनट 01.03 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान प्राप्त किया था और फाइनल के लिए क्वालिफाई भी कर लिया था लेकिन बाद में पता चला कि जिस लेन (आठ) में वह दौड़ रही थीं, उसमें 10 हर्डल्स के बजाय सिर्फ 9 हर्डल्स ही लगाए गए थे। लेन में पांचवां हर्डल गायब था। 

 

रेस के दौरान जब हर्षिता चौथा हर्डल पार कर रही थीं, तब उन्हें अपनी लेन में अगला हर्डल न मिलने पर भ्रम हुआ और उन्होंने बगल की लेन का हर्डल पार कर फिर अपनी लेन में लौटकर रेस पूरी की। सातवीं लेन की एथलीट काफी पीछे थी, तो किसी तरह के टकराव की स्थिति नहीं बनी।

 

बाद में अधिकारियों ने वर्ल्ड एथलेटिक्स नियम 18.7 का हवाला देते हुए उन्हें शनिवार (27 जून) सुबह 9:30 बजे अकेले दोबारा दौड़ने के लिए कहा। इस बार उनका समय 1:02.54 रहा, जो पहले से धीमा था और वह फाइनल की रेस से बाहर हो गईं। हर्षिता ने इस पर निराशा व्यक्त की है। वहीं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने इसे मानवीय भूल बताकर पल्ला झाड़ लिया है।

 

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अधिकारियों ने हर्षिता को गलत बताया 

हर्षिता ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, 'मुझे अपनी लेन में चौथे हर्डल के बाद कोई हर्डल नहीं दिखा, जिससे मैं भ्रमित हो गई थी। मुझे तुरंत निर्णय लेना पड़ा। इसलिए मैंने दूसरी लेन की हर्डल पार की और फिर अपनी लेन में वापस आकर रेस पूरी की।' 

 

हर्षिता ने ने कहा कि रेस के बाद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनसे गलती हुई है, जबकि उन्हें खुद यह समझ नहीं आया कि उनकी गलती क्या थी। हर्षिता ने कहा, 'मैं निराश हूं लेकिन अब मैं क्या कर सकती हूं? मैं क्वालिफाई नहीं कर सकी। कोई बात नहीं, मैं आगे होने वाले नेशनल लेवल के इवेंट्स में बेहतर करूंगी।'

 

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बड़े इवेंट के चलते हुई चूक - FAI का एक अधिकारी

FAI के एक अधिकारी ने चूक को स्वीकार करते हुए कहा कि बड़े इवेंट्स में मानवीय भूलें हो सकती हैं लेकिन ऐसी गलतियों से बचना चाहिए। अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा, 'विमेंस 400 मीटर हर्डल रेस से ठीक पहले मेंस हर्डल रेस संपन्न हुई थी, जिसके बाद विमेंस के लिए हर्डल्स की ऊंचाई बदली गई। इसी प्रक्रिया के दौरान संभव है कि लेन-आठ में हर्डल लगाने में भ्रम या लापरवाही हो गई हो, जिससे यह गंभीर त्रुटि हुई।' उन्होंने कहा कि जब यह गलती सामने आई तो नियमों के तहत हर्षिता को दोबारा दौड़ने का मौका दिया गया।