भारत की पीवी सिंधु को 9.5 लाख अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले फ्रेंच ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने फाइनल में कड़ी टक्कर दी लेकिन साउथ कोरिया की वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी आन से यंग की चुनौती से पार नहीं पा सकीं। वह तीन गेम में हारकर उपविजेता रहीं। 

 

ओलंपिक चैंपियन आन से यंग ने 16-21, 21-11, 21-12  से जीत हासिल कर खिताब अपने नाम किया। आन से यंग ने इस जीत के साथ अपना चौथा फ्रेंच ओपन खिताब और इस सीजन का 11वां टाइटल अपने नाम किया।

सिंधु ने जीत लिया था पहला गेम

डबल ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु ने शानदार शुरुआत की और अपनी लंबाई और आक्रामक शॉट्स का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए 20 मिनट में पहला गेम जीत लिया। उनके करियर में यह केवल दूसरी बार था, जब वह कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ कोई गेम जीतने में सफल रही थीं। हालांकि आन के खिलाफ 11 मुकाबलों में वह अब तक उन्हें एक बार भी नहीं हरा पाई हैं। 

 

दोनों खिलाड़ियों के बीच नेट पर कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। एक समय स्कोर 4-4 से 7-7 तक पहुंच गया। ऐसे ही एक रैली के दौरान आन के शॉट पर शटल सिंधु के चेहरे पर जा लगी। ब्रेक तक सिंधु ने क्रॉस-कोर्ट स्मैश की मदद से दो अंक की बढ़त बना ली। उन्होंने अपनी लंबाई का अच्छा फायदा उठाया और जल्द ही स्कोर 15-11 कर दिया। इस दौरान आन से बैकलाइन पर कुछ गलतियां भी हुईं। सिंधु का एक शॉट लंबा चला गया और उनका एक स्मैश नेट में उलझ गया, जिससे आन ने अंतर घटाकर 13-15 कर दिया। 

 

सिंधु ने फिर एक स्मैश नेट में मारा, जबकि आन ने साइडलाइन पर एक और गलती कर दी। इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी का एक शॉट लंबा चला गया और सिंधु ने 19-14 की बढ़त बना ली। सिंधु ने चतुराई से लगाए गए शॉट के साथ छह गेम प्वाइंट हासिल किए। आन ने इसके बाद दो गेम प्वाइंट बचाए लेकिन उनका अगला शॉट फिर लंबा चला गया। इस तरह सिंधु ने 20 मिनट में पहला गेम जीत लिया।

 

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आन से यंग की जबरदस्त वापसी

दूसरे गेम में आन ने दमदार वापसी करते हुए 3-0 की बढ़त बना ली। सिंधु ने स्मैश से स्कोर 2-4 किया और फिर आन का एक शॉट नेट में चला गया। बॉडी स्मैश की मदद से सिंधु ने स्कोर 4-5 किया लेकिन फिर आन 7-5 से आगे हो गईं। इसके बाद हवा के बहाव से उनका एक शॉट बाहर चला गया। 7-6 के स्कोर पर बेहतरीन नेट शॉट और 30 शॉट तक चली शानदार रैली ने आन को दो अंक की बढ़त बनाए रखने में मदद की। इसके बाद लगातार दो शानदार स्मैश लगाकर कोरियाई खिलाड़ी ने ब्रेक तक चार अंकों की बढ़त हासिल कर ली। 

 

आन ने अपनी बढ़त बढ़ाकर 13-7 कर दी। सिंधु नेट पर अपने खेल को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही थीं लेकिन इसके बाद उनसे कई गलतियां हुईं। अगले 10 में से 9 अंक आन ने जीते और स्कोर 17-8 कर दिया। कोरियाई खिलाड़ी ने 12 गेम प्वाइंट हासिल किए। सिंधु ने तीन गेम प्वाइंट बचाए लेकिन अंततः आन ने गेम जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया।

 

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सिंधु ने की पूरी कोशिश लेकिन आन पड़ीं भारी 

निर्णायक गेम में भी सिंधु ने हार नहीं मानी। दोनों खिलाड़ियों के बीच कई रोमांचक रैलियां देखने को मिली। 36 शॉट तक चली एक लंबी रैली सिंधु के शॉट के बाहर जाने के साथ समाप्त हुई लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने संघर्ष जारी रखा और जल्द ही 8-5 की बढ़त बना ली। दुनिया की नंबर एक आन ने स्मैश की मदद से स्कोर 8-8 कर दिया और फिर 9-8 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद बॉडी स्मैश और सिंधु के बैकहैंड की ओर लगाए गए एक अन्य शॉट की मदद से आन ने ब्रेक तक दो अंकों की बढ़त बना ली। 

 

आन ने पिछले सात में से छह अंक जीतने वाली अपनी लय बरकरार रखी और स्कोर 13-9 कर दिया। सिंधु का एक शॉट लंबा जाने वह 14-9 से आगे हो गईं। इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी ने अपना दबदबा कायम रखते हुए स्कोर 15-9 कर दिया। आन के खेल का स्तर लगातार बेहतर होता गया और उन्होंने बढ़त बढ़ाकर 18-10 कर ली। सिंधु का एक और शॉट लंबा जाने से आन को आठ मैच प्वाइंट मिल गए। उन्होंने पहले ही मौके पर अंक हासिल करके खिताब अपने नाम कर लिया।