राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर 'वेपिंग' मामले में मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। पराग को मुल्लांपुर में पंजाब किंग्स के खिलाफ IPL 2026 के मैच नंबर 40 के दौरान कैमरे पर वेपिंग (ई-सिगरेट) करते पकड़े जाने के बाद खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया है। IPL की आधिकारिक मीडिया एडवाइजरी के मुताबिक, पराग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिसके बाद सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। पराग को एक डिमेरिट पॉइंट भी थमा दिया गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद अंपायरों ने की शिकायत
RR की पारी के दौरान पराग आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते दिखे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। उनके इस हरकत की काफी आलोचना हुई। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मैदानी अंपायर तन्मय श्रीवास्तव और नितिन मेनन ने मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैच रेफरी अमित शर्मा से इस मामले की शिकायत नहीं की थी। उन्होंने ऐसा तब किया जब उन्होंने इसका वीडियो सबूत देखा। इसके बाद मैच रेफरी ने IPL के नियमों के अनुसार आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए पराग को दोषी पाया। इस उल्लंघन को लेवल-1 का अपराध माना गया। इसमें मैच फीस में से 25 प्रतिशत की कटौती और एक डिमेरिट पॉइंट का प्रावधान है।
यह भी पढ़ें: 244 रन का चेज, वह भी इतनी आसानी से... IPL में खत्म हुआ रोमांचक मुकाबलों का दौर?
राजस्थान रॉयल्स पर भी होगी कार्रवाई
IPL ने एक बयान में कहा, 'रियान पराग ने अपराध और मैच रेफरी अमित शर्मा द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया है।' बयान के अनुसार, 'IPL की साख को बनाए रखने के लिए BCCI गलती करने वाली टीम, उसके अधिकारियों और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।' जब PTI ने BCCI सचिव देवजीत सैकिया से RR के खिलाफ संभावित कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'जैसा कि बयान में साफ-साफ लिखा है हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि टीम के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।'
यह भी पढ़ें: खराब बॉलिंग के चलते हारी मुंबई इंडियंस, पंड्या ने दर्शकों को क्यों लपेट लिया?
बता दें कि भारत में 2019 में से ही ई-सिगरेट बैन है। इसका उत्पादन, बिक्री और वितरण पूरी तरह से वर्जित है। कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की जेल या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। IPL की आचार संहिता के नियम 2.21 में कहा गया है कि यह नियम उन सभी प्रकार के आचरणों को अपने दायरे में लाने के लिए बनाया गया है जिनसे खेल की छवि को नुकसान पहुंचता है और जिनका उल्लेख आचार संहिता में कहीं और (विशेष रूप से नियम 2.20 में) स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है।
