भारतीय टीम इस समय श्रीलंका में है। शुभमन गिल एंड कंपनी को 15 अगस्त से मेजबान टीम के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में उतरना है। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 साइकल का हिस्सा है। ऐसे में पॉइंट्स टेबल में पांचवें पायदान पर चल रही है टीम इंडिया के लिए ये दोनों टेस्ट बेहद अहम होने वाला है। 

 

भारतीय टीम ने मौजूदा WTC साइकल में अब तक 9 टेस्ट खेले हैं, जिसमें उसे 4 जीत और 4 हार मिली है, जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। टीम के पास 52 पॉइंट्स हैं लेकिन पर्सेंटेज सिर्फ 48.15 है, जिसके चलते वह टेबल में बांग्लादेश से भी नीचे है। इस WTC साइकल में टीम इंडिया को अभी 9 टेस्ट खेलने हैं। पढ़िए उसे तीसरी बार फाइनल में पहुंचने के लिए क्या करने की जरूरत है।

 

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श्रीलंका में करना होगा क्लीन स्वीप

टीम इंडिया को पिछले साल के अंत साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार ने भारतीय टीम की राह मुश्किल जरूर कर दी है लेकिन उसके लिए दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं। भारत बचे हुए 9 टेस्ट मैचों में से 6 जीत जाता है और 2 मुकाबले ड्रॉ करा लेता है तो उसका पर्सेंटेज 60 तक पहुंच सकता है, जो फाइनल में पहुंचने के लिए काफी होंगे। अगर टीम इंडिया 7 टेस्ट जीतती है तो उसे कोई ड्रॉ की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

भारतीय टीम को फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए श्रीलंका में सबसे पहले क्लीन स्वीप करना होगा, क्योंकि उसके बाकी के मुकाबले न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से होने हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को उसके घर में खेलने हैं। वहीं टीम इंडिया अगले साल बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगी।

 

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड शानदार है। 2008 से भारत ने अपने घर में कंगारू टीम को 12 टेस्ट मैचों में मात दी है, जबकि सिर्फ 2 मुकाबले गंवाए हैं। अगर टीम इंडिया श्रीलंका का क्लीन स्वीप करने के बाद न्यूजीलैंड में 1-0 से भी सीरीज जीतकर आती है, तो उसे ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से हराना होगा, जो थोड़ा मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं है।