भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अररिया जिले के बसमतिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 17 लाख 95 हजार नेपाली रुपये बरामद किए हैं। बरामद रकम को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में संबंधित व्यक्ति के तस्करी से जुड़े होने की सूचना मिलने की बात सामने आई है। हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद राशि हवाला कारोबार से जुड़ी है या किसी अन्य व्यक्ति की है। इसके अलावा मुद्रा के वास्तविक मालिकाना हक और इसके संभावित इस्तेमाल की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है। सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति भारी मात्रा में नेपाली करेंसी लेकर भारत में प्रवेश करने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाया और सीमा क्षेत्र में चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा गया और उसके पास से 17 लाख 95 हजार नेपाली रुपये बरामद हुए। पुलिस ने रकम को जब्त कर लिया है और व्यक्ति से पूछताछ कर रही है।

 

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तस्करी और हवाला कनेक्शन पर जांच

पुलिस की प्रारंभिक जांच में संबंधित व्यक्ति के तस्करी से जुड़े होने की सूचना मिलने की बात सामने आई है। हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद रकम इतनी बड़ी है कि इसके पीछे हवाला कारोबार का शक है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या यह पैसा किसी तस्करी के लिए लाया जा रहा था या किसी को देने के लिए ले जाया जा रहा था।


थानाध्यक्ष ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है। बरामद नेपाली करेंसी को लेकर कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद राशि हवाला कारोबार से जुड़ी है या किसी अन्य व्यक्ति की है। इसके अलावा मुद्रा के वास्तविक मालिकाना हक और इसके संभावित इस्तेमाल की भी जानकारी जुटाई जा रही है। व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है कि वह यह पैसा कहां से लाया और कहां ले जा रहा था।

 

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पुलिस ने बताया कि बरामद नेपाली करेंसी के बारे में कई सवाल हैं। जैसे- यह पैसा किसका है, इसका इस्तेमाल कहां होना था, क्या यह किसी अवैध धंधे का पैसा है, क्या यह हवाला का पैसा है। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के कॉल डिटेल्स भी खंगालने शुरू कर दिए हैं और उसके बैंक अकाउंट की भी जांच की जा रही है। सीमा क्षेत्र में उसके आने-जाने की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

नेपाली करेंसी कस्टम विभाग को सौंपने की प्रक्रिया शुरू

थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामद 17 लाख 95 हजार नेपाली रुपये को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फारबिसगंज कस्टम विभाग को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कस्टम विभाग भी बरामद मुद्रा के स्रोत, स्वामित्व और अन्य कानूनी पहलुओं की जांच करेगा। पुलिस जांच रिपोर्ट और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

 

नियम के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा या नेपाली करेंसी के साथ भारत में प्रवेश करने के लिए वैध दस्तावेज होने चाहिए। अगर दस्तावेज नहीं हैं तो यह अवैध माना जाता है। कस्टम विभाग यह देखेगा कि क्या इस रकम के लिए कोई वैध कागजात हैं या नहीं। यदि कागजात नहीं मिले तो कस्टम एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। पुलिस ने बताया कि बरामद रकम को जल्द ही कस्टम को सौंप दिया जाएगा और फिर कस्टम अपनी जांच शुरू करेगा। कस्टम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नेपाली करेंसी को लेकर पहले भी कई मामले सामने आए हैं। कई बार लोग बिना कागजात के बड़ी रकम लेकर सीमा पार करते हैं। यह हवाला कारोबार का हिस्सा हो सकता है। कस्टम विभाग भी इस मामले में गहराई से जांच करेगा और यह पता लगाएगा कि यह रकम कहां से आई और कहां जानी थी।

 

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खुली सीमा के कारण बढ़ती है चुनौती

 

भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की रोकथाम पुलिस और अन्य एजेंसियों के लिए चुनौती बनी रहती है। भारत-नेपाल सीमा 1751 किलोमीटर लंबी है और यह खुली सीमा है। यहां लोगों का आना-जाना बिना पासपोर्ट-वीजा के होता है। इसी का फायदा उठाकर तस्कर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। सोना, चांदी, नशीले पदार्थ, नेपाली करेंसी और अन्य सामानों की तस्करी इस सीमा से होती है।

 

पुलिस और कस्टम विभाग सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रहे हैं। एसएसबी, पुलिस और कस्टम की संयुक्त टीम सीमा पर गश्त करती है और वाहनों की चेकिंग करती है। इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर तस्करी करते हैं। कभी-कभी तो वे पैदल ही सीमा पार कर जाते हैं, क्योंकि सीमा पर कई जगहों पर कोई बैरियर नहीं है।