पंजाब में आम आदमी पार्टी ने साल 2022 में कई बड़े वादे लोगों से किए थे और इसका सीधा फायदा पार्टी को मिला था। पार्टी को बंपर जीत मिली और पहली बार राज्य में पार्टी ने सरकार बनाई। इसके बाद भगवंत मान पंजाब के सीएम बने और अब मान सरकार का कार्यकाल करीब साढ़े चार साल पूरा होने को है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भगवंत मान अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। ऐस में किसानों के मुद्दे एक बार फिर केंद्र में हैं।

 

2022 के चुनाव से पहले AAP ने किसानों से भी कई बड़े वादे किए थे, जिनमें किसानों की आय और फसलों की खरीद को लेकर कई वादे थे। इनमें 22 फसलों को MSP पर खरीदने की बात भी शामिल थी। पार्टी की एक नेता अनमोल गगन मान ने तो एक इंटरव्यू में यहां तक कह दिया था कि आप हमारी सरकार बनाओ हम सरकार बनते ही 5 मिनट में सभी फसलों पर एमएसपी दे देंगे। 

 

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क्या पूरा हुआ MSP का वादा?

आम आदमी पार्टी ने पंजाब के किसानों से MSP देने का वादा तो किया था लेकिन अपने अब तक के कार्यकाल में सरकार  MSP को कानूनी गारंटी बनाने वाला कानून पास नहीं कर पाई है। पंजाब में किसान संगठनों की मौजूदा प्रमुख मांगों में सभी फसलों के लिए कानूनी MSP और सुनिश्चित सरकारी खरीद अब भी शामिल है। 

 

धान और गेहूं की सरकारी खरीद की व्यवस्था पहले से केंद्र और राज्य एजेंसियों के जरिए चलती रही है। उदाहरण के लिए, 2024-25 खरीफ सीजन में केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में 120.67 लाख टन धान की खरीद हो चुकी थी और करीब 6.58 लाख किसानों को MSP के तहत भुगतान का लाभ मिला था। लेकिन मूंग, मक्का, सरसों, आलू और बासमती जैसी फसलों के लिए किसानों की मांग अब भी है कि सरकार MSP पर सुनिश्चित खरीद करे।

MSP के लिए मान सरकार ने क्या किया?

आम आदमी पार्टी पिछले साढे चार साल के कार्यकाल में सभी फसलों पर एमएसपी देने का वादा पूरा नहीं कर पाई है और ना ही इसे कानूनी गारंटी के रूप में पेश कर पाई है। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दिशा में कुछ प्रयास जरूर किए हैं। सरकार बनने के बाद भगवंत मान ने कानूनी तौर पर MSP की गारंटी की मांग केंद्र के सामने भी रखी।

 

अगस्त 2022 में नीति आयोग की बैठक में उन्होंने कहा था कि MSP को कानूनी गारंटी मिलनी चाहिए और वैकल्पिक फसलों के लिए भी सुनिश्चित बाजार व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही उस समय पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में एमएसपी को कानूनी गारंटी देने वाला एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था। अब पंजाब सरकार का तर्क है कि एमएसपी को कानूनी गारंटी देने का काम केंद्र सरकार कर सकती है। 

 

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क्या विपक्ष को मिल गया मुद्दा?

पंजाब के पड़ोसी राज्य हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी पंजाब में रैलियां कर रहे हैं और बता रहे हैं कि उनकी सरकार ने तो सभी 22 फसलों पर एमएसपी दिया है। इस मामले में अब आम आदमी पार्टी बैकफुट पर नजर आ रही है। हालांकि, पार्टी अपने बचाव में फ्री बिजली, मूंग जैसी फसलों पर एमएसपी, किसानों के कर्ज के मुद्दे पर अपना बचाव कर रही है। वहीं, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी समेत तमाम विपक्षी दल सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं।