कुछ महीनों पहले ही महाराष्ट्र के नासिक में TCS कंपनी की एक ब्रांच में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के लिए मजबूर करने जैसे मामले सामने आए थे। अब वैसा ही एक मामला महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया है। इस बार Wipro टेक्नॉलजीस की एक पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाए हैं कि उसे नौकरी से निकाला गया क्योंकि उसने धर्मांतरण का विरोध किया और इसकी शिकायत कर दी। महिला का कहना है कि शिकायत करने की वजह से पिछले साल अगस्त के महीने में उससे जबरन इस्तीफा ले लिया गया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने कहा है कि जांच की जा रही है और जांच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।

 

आरोप लगाने वाली महिला ने पुणे के हिंजावाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के बाद पुलिस ने विप्रो को भी नोटिस भेजा है। महिला को हिंदू जनजागृति समिति का भी साथ मिला है और इस संगठन ने भी मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। महिला की मांग है कि उनकी नौकरी वापस दी जाए, 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और लिखित माफी मांगी जाए।

 

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क्या आरोप लगाए?

महिला ने कहा है, 'ये लोग हिंदू महिलाओं को फंसाकर बाध्य करते हैं कि या तो हम उनके हिसाब से चलें या फिर हम नौकरी छोड़ दें। 10 महीनों में जितना कुछ मैंने सहा है, उसे मुझे आगे लाना ही था। साथ ही, मुझे जागृति देनी थी कि अगर औरतें हिंदू हैं तो उनके संरक्षण के लिए हम आगे आएं। धर्मांतरण का जो अंडरकवर प्रोसेस चलता है और हमें लगता है कि हम बस कैजुअल बातें कर रहे हैं। असल में वे आपको फंसाकर धर्मांतरण करते हैं। जब हम इसकी बात कंपनी से करते हैं तो कंपनी कहती है कि ये सब नहीं होता। कंपनी ने इस बात को छुपा दिया।'

शिकायतकर्ता महिला ने आगे कहा, 'मुझे कहा गया कि मैं अपने सुपरवाइजर से शारीरिक संबंध रखूं ताकि वह मुझे दुबई जाने में मदद करें। शाहिना रफीक वह मुसलमान लड़की है जिसने मुझे पहले दिन से परेशान किया। उसने पहले दिन ही मुझसे कॉल पर बहुत सारी व्यक्तिगत बातें पूछीं। उसने मुझसे कहा कि तुम बहुत पढ़ी लिखी हो और जो सैलरी विप्रो दे रही है, वह बहुत कम है। उससे अच्छा है कि तुम राम कुमार (कंट्री हेड) के साथ शारीरिक संबंध रखो और उसके जरिए दुबई जाओ। वहां कई शेखों से मेरी पहचान है, उनमें से किसी एक से शादी करवा दूंगी। इससे फाइनेंशियल ग्रोथ मिलेगी और सेक्सुअल सैटिसफैक्शन मिलेगा।'

 

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महिला ने आगे कहा, 'पहले तो मुझे लगा कि यह कैजुअल बातचीत है और मुझे किसी से यह बात बतानी नहीं चाहिए। अब मैंने पुलिस के पास शिकायत दी है। मैंने अपने इस्तीफे के बाद 24 अप्रैल 2026 को मैंने इस मुद्दे को उठाया कि मुझे निकालने का कारण बताया जाए। अगर यह है कि मैं मुसलमान समाज के खिलाफ कुछ बोल रही हूं इसलिए मुझे निकाला जाए तो मैं कहूंगी कि एक तरफ से कुछ नहीं होता, सामने से भी बोला गया तभी प्रतिउत्तर दिया गया। मेरी मांग है कि मेरी नौकरी मुझे वापस दी जाए। मुझे अवैध तरीके से निकाला जाए। कई महिलाओं के साथ ऐसा हुआ लेकिन मैं किसी का नाम नहीं बता सकती हूं। मुझे डराया गया कि विप्रो के खिलाफ मैं कुछ नहीं कर सकती हूं। जब मैंने TCS का केस देखा तो मुझे लगा कि यही तो मेरे साथ भी हुआ है तो मैं पीछे क्यों रहूं।'