श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) पर भक्तों की दान की राशि को नेताओं, उनके रिश्तेदारों और और अन्य खास लोगों के स्वागत में खर्च करने का आरोप लगा है। उत्तराखंड के आरटीआई कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी ने पिछले साल केदारनाथ यात्रा में वीआईपी खर्च का ब्योरा मांगा था। 

 

दावा किया गया कि एक कैबिनेट मंत्री की बेटी, पीएम मोदी के भाई और विधायक की आवभगत में हजारों रुपये की रकम को मंदिर कोष से खर्च किया गया। अब मंदिर समिति ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एक चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी तीन सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

 

 

 

 

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बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दान की राशि का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। गड़बड़ी सामने आने पर दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश हो सकती है। उन्होंने इस मामले को सरकार और मंदिर समिति की छवि को खराब करने का प्रयास बताया।

जांच समिति में कौन-कौन

  • वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल 
  • अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी 
  • विधि अधिकारी एसएस बर्त्वाल 
  • मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी

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आरटीआई के आधार पर क्या दावा किया गया?

आरटीआई जानकारी के आधार पर दावा किया गया कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नेहा जोशी के ठहरने की व्यवस्था मंदिर समिति ने की और 60 हजार रुपये की धनराशि खर्च की। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नाम पर साढ़े 37 हजार रुपये की रकम खर्च की गई। पीएम मोदी के भाई पंकज मोदी के नाम पर 22 हजार रुपये, रुद्रप्रयाग के बीजेपी जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट और अन्य कार्यकर्ताओं पर 24 हजार रुपये खर्च करने का दावा है। 

 

अन्य लोगों के नाम पर भी मंदिर कोष से खर्च का जिक्र है। हालांकि नेताओं का दावा है कि उन्होंने अपने खर्च पर यात्रा की थी। अब समिति संबंधित लोगों से भी बात करेगी।