बिहार के बांका में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी है। झारखंड के गोड्डा से एक 10 चक्का ट्रक अवैध शराब लेकर पंजवारा के रास्ते बिहार के भागलपुर की ओर जा रहा था। पुलिस को इसकी गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने पंजवारा थाना क्षेत्र के बिक्रमपुर मोड़ के पास ट्रक की जांच की, जिसमें अवैध विदेशी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की गई। शराब को ट्रक के अंदर एक तहखाना बनाकर छिपाया गया था।
ट्रक के तहखाने में 187 कार्टन में अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई हैं। बरामद की गई 1631.520 लीटर अवैध विदेशी शराब की कीमत अनुमानित 20 लाख रुपए आंका गया है। कार्रवाई के दौरान एक 10-चक्का हाईवा ट्रक को जब्त कर उसके चालक को मौके से गिरफ्तार किया गया।
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कैसे पकड़ी गई शराब?
पुलिस को इस बारे में गुप्त जानकारी मिली, सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मवीर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिक्रमपुर मोड़ पर सघन जांच के दौरान पंजवारा की तरफ से आ रहे एक 10-चक्का ट्रक को रोका, विधिवत तलाशी लेने पर उसके डाला में बने गुप्त तहखाने से कुल 187 कार्टन में छिपाकर रखी अलग-अलग ब्रांडों की 1631.520 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की गई।
पहले तो ट्रक देखने में खाली लग रहा था, लेकिन ड्राइवर के हाव-भाव से टीम को शक हुआ। ड्राइवर घबरा रहा था और बार-बार अपने बयान बदल रहा था। टीम ने जब ट्रक की तलाशी ली तो पहले तो कुछ नहीं मिला लेकिन जब डाला की गहराई से जांच की गई तो उसमें एक गुप्त तहखाना बना हुआ मिला। डाला में लकड़ी के नीचे लोहे की चादर से तहखाना बनाया गया था और उसके ऊपर बालू की तरह दिखने वाला कवर लगाया गया था।
इस मामले में उत्पाद थाना बांका में मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त को विधिवत न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और मामले में आगे की जांच जारी है। उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने क्या बताया?
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त शराब का बाजार मूल्य लगभग 20 लाख रुपए है। यह बांका जिले में इस साल की सबसे बड़ी शराब बरामदगी में से एक है। तस्करों ने शराब तस्करी का नया तरीका अपनाया था। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में शराब सस्ती है और बिहार में पूर्ण शराबबंदी है, इसलिए तस्कर झारखंड से शराब लाकर बिहार में महंगे दामों पर बेचते हैं।
गोड्डा से भागलपुर का रास्ता बांका और पंजवारा होकर जाता है और यह इलाका जंगल वाला है, इसलिए तस्कर इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन पटना से मिली गुप्त सूचना और उत्पाद विभाग की मुस्तैदी से यह खेप पकड़ी गई। 187 कार्टन में 1631.520 लीटर शराब बरामद हुई है, जो अपने आप में बड़ी मात्रा है। इस तरह की तस्करी में कई लोगों का नेटवर्क शामिल होता है। गोड्डा में शराब खरीदने से लेकर भागलपुर तक पहुंचाने में कई लोग शामिल होते हैं।
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उत्पाद विभाग अब इस नेटवर्क का पता लगाने में जुट गया है। ट्रक के चालक से पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल की भी जांच की जा रही है। चालक ने बताया कि उसे गोड्डा में यह ट्रक दिया गया था और भागलपुर में किसी को डिलीवरी देनी थी। लेकिन वह उस व्यक्ति का नाम नहीं बता रहा है।
मोबाइल कॉल डिटेल से खुलेगा नेटवर्क
चालक की पहचान झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है और उसे उत्पाद थाना परिसर में रखा गया है।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले में अग्रेतर अनुसंधान जारी है। चालक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली जा रही है, ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
गोड्डा से भागलपुर तक फैले इस तस्करी के जाल में कई लोग शामिल हो सकते हैं। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू किया जा रहा है और अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस साल बांका जिले में अब तक 100 से अधिक शराब तस्करी के मामले दर्ज किए गए हैं और 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
