समाजवादी पार्टी सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी को डालीबाग स्थित आलीशान कोठी के मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। गैंगस्टर एक्ट के तहत वर्ष 2022 में कुर्क और सील की गई करीब 6700 वर्गफीट की संपत्ति की बुधवार को सील खोल दी गई। अदालत के आदेश के बाद लखनऊ और गाजीपुर प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर संपत्ति को अवमुक्त करने की कार्रवाई की। इस दौरान अफजाल अंसारी अपने परिवार के साथ मौके पर मौजूद रहे।
डालीबाग के पॉश इलाके में स्थित यह कोठी करीब 6700 वर्गफीट के भूखंड पर बनी है और फरहत अंसारी के नाम दर्ज है। गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर 23 से 28 अक्टूबर 2022 के बीच गाजीपुर पुलिस की टीम लखनऊ पहुंची थी।
उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत संपत्ति को कुर्क कर सील किया गया था। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध से अर्जित बताई गई संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया के तहत की गई थी। इसके बाद संपत्ति प्रशासन की निगरानी में रही।
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अदालत ने कहा- अपराध से अर्जित नहीं है संपत्ति
कुर्की की कार्रवाई के खिलाफ फरहत अंसारी ने न्यायालय में चुनौती दी। गाजीपुर की विशेष गैंगस्टर अदालत ने अप्रैल 2025 में मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि डालीबाग स्थित यह आवासीय संपत्ति किसी गैंगस्टर गतिविधि या अपराध से अर्जित संपत्ति नहीं है। अदालत ने गाजीपुर के जिलाधिकारी को मकान की सील खुलवाकर संपत्ति फरहत अंसारी को वापस सौंपने का आदेश दिया था।
आदेश के बाद भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट पहुंचीं फरहत
विशेष अदालत के आदेश के बावजूद निर्धारित समय में संपत्ति की सील नहीं खुली। इसके बाद फरहत अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सी.डी. सिंह की एकल पीठ के समक्ष उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के जिलाधिकारी को पांच सप्ताह के भीतर सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया। इसके बाद गाजीपुर प्रशासन ने लखनऊ नगर आयुक्त और तहसील प्रशासन को संपत्ति की सील हटाने और कब्जा वापस सौंपने के निर्देश दिए।
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चार साल बाद खुली कोठी की सील
बुधवार को तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम डालीबाग स्थित कोठी पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में सील खोली गई। इसके साथ ही पंचनामा, कागजी औपचारिकताओं और संपत्ति की पैमाइश की कार्रवाई पूरी की गई। अफजाल अंसारी भी परिवार के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद डालीबाग स्थित जमीन और कोठी का कब्जा फरहत अंसारी को वापस सौंप दिया गया। करीब 4 साल तक कुर्क और सील रही इस संपत्ति की वापसी को अंसारी परिवार के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। विशेष गैंगस्टर अदालत के फैसले और हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन ने अब संपत्ति को अवमुक्त करने की कार्रवाई पूरी कर दी है।
