बिहार में भूमिहीन परिवारों के लिए अच्छी खबर है। अभियान बसेरा के तहत वासभूमि के लिए आवेदन करने वाले परिवारों को अब आवेदन जमा करने के लिए पटना आने की जरूरत नहीं होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लाभार्थियों की सुविधा के लिए बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू कर दी है। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर भी आवेदन जमा करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पंचायत सरकार भवन में चार दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे। यहां इच्छुक लाभार्थी वासभूमि के लिए आवेदन जमा कर सकेंगे।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसकी जानकारी दी है। विभाग ने कहा है कि अभियान बसेरा के तहत वासभूमि के लिए आवेदन करने वाले भूमिहीन परिवारों की सुविधा विभाग की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आवेदन की प्रक्रिया को आसान किया गया है ताकि लाभार्थियों को आवेदन जमा करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अब ऑनलाइन आवेदन के साथ पंचायत स्तर पर भी आवेदन जमा करने की सुविधा दी जा रही है। इससे गांव में रहने वाले भूमिहीन परिवारों को काफी आसानी होगी और वे आसानी से वासभूमि के लिए आवेदन कर सकेंगे।
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घर बैठे कर सकेंगे आवेदन
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, 'लाभार्थी अपने संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। पंचायत सरकार भवन में लगाए जाने वाले चार दिवसीय शिविर में भी आवेदन जमा करने की व्यवस्था होगी। इससे लाभार्थियों को आवेदन के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले लाभार्थियों को आवेदन के लिए अंचल कार्यालय और कई बार पटना तक आना पड़ता था। इससे गरीब परिवारों को परेशानी होती थी। उनका पैसा और समय भी खर्च होता था। अब सरकार ने आवेदन की व्यवस्था आसान कर दी है।'
कोई भी भूमिहीन परिवार अपने मोबाइल या कंप्यूटर से बिहारभूमि पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन की प्रक्रिया आसान रखी गई है। लाभार्थी को अपना नाम, पता, आधार नंबर और भूमिहीन होने का प्रमाण देना होगा। आवेदन जमा होने के बाद उसे एक रेफरेंस नंबर मिलेगा। इससे वह अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकेगा।
पंचायत में लगेगा चार दिन का शिविर
अभियान बसेरा के तहत वासभूमिहीन लाभार्थियों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर आवेदन जमा करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पंचायत सरकार भवन में चार दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे। इच्छुक लाभार्थी अपने पंचायत में लगाए गए शिविर में पहुंचकर वासभूमि के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। इससे उन्हें आवेदन के लिए अंचल कार्यालय या पटना जाने की जरूरत नहीं होगी।
विभाग के अनुसार, हर पंचायत में तारीख तय कर चार दिन का शिविर लगाया जाएगा। शिविर में राजस्व विभाग के कर्मचारी और पंचायत सचिव मौजूद रहेंगे। वे लाभार्थियों का आवेदन लेंगे और उन्हें रसीद देंगे। साथ ही ऑनलाइन आवेदन करने में भी मदद करेंगे। शिविर की तारीख की जानकारी पंचायत के मुखिया और वार्ड सदस्यों के माध्यम से दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी भूमिहीन परिवार वासभूमि से वंचित न रहे। अभियान बसेरा के तहत राज्य के सभी भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि अभियान बसेरा के तहत वासभूमि के लिए आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में भी जमा किया जा सकता है। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आवेदन लें और आवेदक को रसीद जरूर दें।
उन्होंने कहा, 'किसी भी अंचल कार्यालय में आवेदन लेने से मना नहीं किया जाएगा। अगर आवेदन जमा नहीं किया जाता है तो संबंधित अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। कई शिकायतें मिल रही थीं कि अंचल कार्यालय में आवेदन नहीं लिया जाता और लाभार्थियों को पटना भेज दिया जाता है। इसे गंभीरता से लिया गया है। अब अंचल कार्यालय में आवेदन लेना और रसीद देना जरूरी कर दिया गया है।' लाभार्थियों से कहा गया है कि आवेदन जमा करते समय रसीद जरूर लें और उसे सुरक्षित रखें। रसीद के आधार पर ही उनके आवेदन पर आगे कार्रवाई होगी।
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पटना बुलाने वालों पर कार्रवाई
विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ वासभूमिहीन लाभार्थियों के बीच यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि आवेदन जमा करने के लिए पटना जाना जरूरी है। कुछ बिचौलिए और दलाल गरीब परिवारों को यह कहकर भ्रमित कर रहे हैं कि आवेदन केवल पटना में ही जमा होगा और इसके लिए पैसे देने होंगे। विभाग ने ऐसी जानकारी को गलत बताया है और लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की है।
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, 'लाभार्थियों को आवेदन के नाम पर पटना भेजकर भ्रमित करने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान बसेरा पूरी तरह निःशुल्क है। इसके लिए किसी को एक रुपया भी देने की जरूरत नहीं है। अगर कोई व्यक्ति पैसे मांगता है या पटना आने के लिए कहता है तो उसकी शिकायत सीधे विभाग से करें। उसका नाम और मोबाइल नंबर विभाग को दें। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।'
