बिहार के मधुबनी जिले में रविवार देर रात सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। मध्य प्रदेश एटीएस, बिहार एटीएस, डीआईयू पटना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने नगर थाना क्षेत्र के उर्दू मोहल्ला स्थित मदरसा इस्लामिया से 55 वर्षीय इजहारुल हक को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल ले जाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।

मदरसा में पढ़ाते थे बच्चे, रात में हुई कार्रवाई

 

जानकारी के अनुसार, इजहारुल हक मूल रूप से पंडौल थाना क्षेत्र के सरसोपाही नवटोल गांव का निवासी है। वह उर्दू मोहल्ला स्थित मदरसा इस्लामिया में बच्चों को शिक्षा देने का कार्य करता था। देर रात सुरक्षा एजेंसियों की टीम अचानक मदरसा पहुंची और उसे हिरासत में लेकर नगर थाना ले गई। इसके साथ ही उसके पैतृक गांव स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई।

 

यह भी पढ़ें: कहीं एक हफ्ते तक भीषण बारिश, कहीं लू का कहर, देश के मौसम का हाल जानिए

व्हाट्सएप ग्रुप बना जांच का आधार

सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को एक ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली थी, जिसका संचालन भोपाल से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि उस ग्रुप में कुछ पाकिस्तानी नागरिकों की मौजूदगी और संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई गई थी। इसी इनपुट के आधार पर विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इजहारुल हक को गिरफ्तार किया।

राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप 

गिरफ्तारी मेमो में जांच एजेंसियों ने इजहारुल हक पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े आरोपों की जांच का उल्लेख किया है। हालांकि अभी तक एजेंसियों की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां उसके मोबाइल, संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं।

 

यह भी पढ़ें: यूपी में कांग्रेस आंखें क्यों तरेर रही है? सपा पर दबाव या मैदान में अकेले उतरेगी

कोर्ट से मिला ट्रांजिट रिमांड

गिरफ्तार आरोपी को सोमवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पी.के. मेहता की अदालत में पेश किया गया। अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद एटीएस की टीम उसे आगे की पूछताछ के लिए भोपाल लेकर रवाना हो गई।

 

इस कार्रवाई के बाद मधुबनी समेत आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि संदिग्ध नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है तथा इसके तार किन-किन राज्यों या देशों से जुड़े हो सकते हैं।