बिहार के भागलपुर जिले में बाढ़ का संकट बढ़ने लगा है। गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते पानी के दबाव से कई तटबंधों और जमींदारी बांधों पर खतरा बना हुआ है। कई जगह कटाव और बांध टूटने की खबरें भी आ रही हैं। ऐसे में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और तटबंधों को सुरक्षित रखने में जुटा हुआ है। संवेदनशील जगहों पर कटाव की सूचना मिलते ही प्रशासन और जल संसाधन विभाग (WRD) की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर तेजी से बचाव का काम कर रही हैं।

 

गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध में गुरुवार की रात ब्रीच हो गया। रात के अंधेरे में बांध टूटने की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पानी तेजी से रिहायशी इलाके की ओर बढ़ने लगा। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा।

 

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रात भर चले बचाव कार्य के बाद बांध के टूटे हिस्से को संभाल लिया गया। इस काम में WRD की तकनीकी टीम के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की। ग्रामीण खुद बालू से भरे बोरे और बांस-बल्ले लेकर बांध को बचाने में जुट गए। प्रशासन और तकनीकी टीम ने मिलकर तेजी से काम किया और स्थिति को काबू में कर लिया। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल ब्रह्मोत्तर बांध सुरक्षित है। पानी का दबाव कम करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

बांध में 20 फीट का कटाव

रंगरा प्रखंड में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां धोबनिया जमींदारी बांध में शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे लगभग 20 फीट का कटाव हो गया। सुबह बांध टूटने की खबर से आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया। कटाव के कारण बांध से निकल रहा पानी PWD की 14 नंबर सड़क के किनारे फैलने लगा। पानी सड़क पर पहुंचने से आवागमन में परेशानी होने का खतरा पैदा हो गया। 

 

पानी को रोकने के लिए सड़क के किनारे डॉवल बनाने का काम शुरू किया गया है। कटाव वाली जगह पर बांध को और टूटने से बचाने के लिए बांस लगाने और एनसी का काम करने की तैयारी की जा रही है। बांध के ऊपर से आ रहे पानी को रोकने के लिए बालू से भरे बोरे लगाए जा रहे हैं। नदी की ओर से प्लास्टिक शीट लगाकर उसके ऊपर बालू से भरे बोरे रखे जा रहे हैं। इससे पानी के दबाव और कटाव को रोकने की कोशिश की जा रही है।

बांधों को बचाने में जुटी टीमें

धोबनिया जमींदारी बांध के कटाव वाली जगह पर कनीय अभियंता अविनाश कुमार और सहायक अभियंता मुरारी प्रसाद सिंह समेत तकनीकी टीम मौजूद है। बचाव का काम लगातार चल रहा है। प्रशासन ने दोनों इंजीनियरों को वहीं रहकर काम की निगरानी करने का निर्देश दिया है। टीम दिन-रात काम कर रही है। बांस लगाए जा रहे हैं बालू के बोरे रखे जा रहे हैं और प्लास्टिक शीट से बांध को मजबूत किया जा रहा है। 

 

प्रशासन का कहना है कि जल्द ही कटाव को पूरी तरह रोक लिया जाएगा। इसके अलावा रंगरा चौक इलाके में भी कई जगह बांध टूटने की सूचना मिली है। धोबनिया बांध (कलबलिया नदी), रंगरा पंचायत और बुढ़िया बांध (सदोपुर रिंग बांध), बनिया बैसी पंचायत में भी ब्रीच की सूचना मिली है। इन जगहों पर भी संबंधित विभागों की टीमें बचाव के काम में जुटी हैं।

 

प्रशासन सभी संवेदनशील बांधों और तटबंधों पर लगातार नजर रख रहा है। अधिकारियों और इंजीनियरों को मिलकर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि कटाव और बांध टूटने की स्थिति को समय रहते संभाला जाए और आसपास के इलाकों और प्रमुख सड़कों को सुरक्षित रखा जा सके।

 

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ग्रामीण भी बचाव में जुटे

भागलपुर के जिलाधिकारी और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने सभी संवेदनशील बांधों का जायजा लिया है। सभी अंचल अधिकारियों और कनीय अभियंताओं को अपने-अपने इलाके के बांधों पर 24 घंटे नजर रखने का निर्देश दिया गया है। जहां भी कटाव या पानी का रिसाव मिले वहां तुरंत बचाव का काम शुरू करने को कहा गया है।

 

प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बांधों के आसपास बेवजह भीड़ न लगाएं। अगर कहीं कटाव दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन को इसकी जानकारी दें। बाढ़ और कटाव के बीच अच्छी बात यह है कि स्थानीय ग्रामीण भी प्रशासन का पूरा साथ दे रहे हैं। ब्रह्मोत्तर बांध हो या धोबनिया बांध हर जगह ग्रामीण खुद आगे आकर बालू के बोरे भरने, बांस लाने और बांध को बचाने में मदद कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने ग्रामीणों के इस सहयोग की सराहना की है।