बिहार के भागलपुर में बाढ़ का कहर जारी है। गांव के गांव पानी में डूबे हुए हैं। इसी बीच पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शुक्रवार को बाढ़ का जायजा लेने खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव पहुंचे। उन्होंने वार्ड नंबर 08 और 09 का दौरा किया जहां हालात बेहद खराब हैं। पूरा गांव बाढ़ के पानी में डूब चुका है और लगातार बढ़ते जलस्तर से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। खैरपुर और अतगामा के पास बांध पर भी गंभीर खतरा बना हुआ है जिससे लोगों में डर का माहौल है। मौके पर सांसद ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से 100 से ज्यादा बाढ़ प्रभावित महिलाओं को नकद आर्थिक मदद दी ताकि वे अपनी जरूरी जरूरतें पूरी कर सकें।

 

पप्पू यादव ने लोदीपुर निवासी बादल मंडल और सिकंदर मंडल के परिजनों से भी मुलाकात की। बादल मंडल पिछले 15 दिनों से गंगा नदी में लापता हैं और अब तक उनका शव नहीं मिल सका है। सांसद ने कहा, 'जिस परिवार का सदस्य 15 दिनों से लापता हो और उसे अंतिम विदाई तक न दे पाने की पीड़ा झेलनी पड़ रही हो उसकी स्थिति समझना मुश्किल है।' उन्होंने दोनों परिवारों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।

 

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इसके बाद वे गोराडीह प्रखंड के कोयली खुटाहा गांव के वार्ड नंबर 03 में पहुंचे। यहां गुरुवार को हुए नाव हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में मुकेश साह की पत्नी मंथो देवी, उनकी 13 वर्षीय बेटी सोनाक्षी कुमारी, 10 वर्षीय बेटा अभिषेक कुमार, 8 वर्षीय बेटा अक्षय कुमार और कपिलदेव साह की 17 वर्षीय बेटी अंशु कुमारी की जान चली गई थी। पप्पू यादव ने पीड़ित परिवारों से मिलकर संवेदना जताई और हर मृतक के परिवार को 10-10 हजार रुपये यानी कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।

मंत्री-विधायक के घर भी डूबे

सरकार की राहत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि इंजीनियर कुमार शैलेंद्र जो बिहपुर से विधायक और पथ निर्माण मंत्री हैं और शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल जो गोपालपुर से विधायक और ऊर्जा मंत्री हैं दोनों का घर-परिवार इसी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में है। दोनों के घर भी बाढ़ में डूब गए हैं। मुख्यमंत्री भी इसी इलाके के पास से आते हैं। इसके बावजूद हालात बेहद खराब हैं।

 

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्थिति देखने के बाद उन्हें पता चला कि पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से अब तक एक रुपये की भी सहायता नहीं मिली है। पप्पू यादव ने सरकार से मांग की कि बांध बनाने के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को कम से कम 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। वहीं बाढ़ और नाव हादसे में डूबने से जिन बच्चों की मौत हुई है उनके परिवारों को भी कम से कम 5-5 लाख रुपये की मदद दी जाए। नाव खराब होने या बर्बाद होने वाले लोगों को भी उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की।

 

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उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति सिर्फ भागलपुर तक सीमित नहीं है। बक्सर और आरा समेत कई इलाकों में भी हालात खराब हैं। उन्हें आरा से बक्सर तक ट्रैक्टर से जाना पड़ा। पटना को छोड़ दें तो लगभग पूरा बिहार बाढ़ से प्रभावित है और लोग भोजन और जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ और तबाही गरीबों की नियति नहीं है। नेता और अधिकारी आपदा नहीं बल्कि व्यवस्था की जिम्मेदारी हैं और उनकी लापरवाही का खामियाजा गरीब जनता भुगत रही है। उन्होंने कहा, 'गंगा में रात-रात भर घूमने के दौरान लाशें दिखाई देती हैं और इन मौतों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।'