बिहार में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर एक और विवाद देखने को मिल रहा है। यहां चुनाव में जीते दो निर्दलीय विधान पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को समर्थन दे दिया है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से MLC चुनाव जीतने वाले बंसीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले राहुल राज ने पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी , प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता लेते नजर आए।
इसपर विवाद बढ़ गया है, विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीतने वाले दो नवनिर्वाचित MLCs को बीजेपी में शामिल करने को संवैधानिक नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन बताया है। RJD के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सवाल करते हुए कहा कि निर्दलीय जीतने वाले दो MLCs को बीजेपी में शामिल करना पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
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JDU के उम्मीदवारों को हराकर जीते थे चुनाव
गौरतलब है कि राहुल राज बीजेपी के ही बागी थे, जिन्होंने सारण जैसी महत्वपूर्ण सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से JD(U) के उम्मीदवार आनंद पुष्कर को हराया। तिरहुत सीट से ब्रजवासी दूसरी बार चुने गए हैं। उन्होंने JD(U) के अभिषेक झा को 9,147 मतों के अंतर से हराया है।
बिहार में हाल ही में 8 सीटों पर चुनाव हुए थे, 8 में से 3 पर बीजेपी और दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। वहीं, JDU के खाते में सिर्फ एक सीट ही आई थी। RJD और प्रशांत किशोर की जन सुराज ने 1-1 सीट जीती थी।
RJD ने क्या कहा?
विपक्षी दल RJD ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीतने वाले दो नवनिर्वाचित MLCs को भाजपा में शामिल करने को संवैधानिक नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन बताया है। RJD के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, 'निर्दलीय जीतने वाले दो MLCs को बीजेपी में शामिल करना पूरी तरह से गैर-कानूनी है, क्योंकि इन दोनों नवनिर्वाचित विधायकों ने अभी तक सदन में गोपनीयता की शपथ भी नहीं ली है। क्या दलबदल विरोधी कानून इस तरह से शामिल करने की अनुमति देता है, या क्या यह संवैधानिक नियमों के अनुरूप है?'
