बिहार में अब खनिज संपदा से राज्य के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने होटल मौर्या में कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एनएमईटी कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि राज्य के 44 माइनिंग ब्लॉकों का सर्वे कराया जाएगा और रिकॉर्ड 9 महीने के भीतर खनन शुरू करने की दिशा में काम होगा। 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की पहल होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के कल्याण और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा। खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खनिज ब्लॉकों का अध्ययन कराया जा चुका है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत और नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना है। 2005 के बाद बिहार में आधारभूत संरचनाओं का बड़ा निर्माण हुआ है। इसमें पत्थर और अन्य खनिजों की जरूरत है। इसलिए यहां के संसाधनों का सदुपयोग जनता के हित में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई खनिज ब्लॉकों का टेंडर हो चुका है और कई की प्रक्रिया चल रही है। 44 माइनिंग ब्लॉकों में से 28 ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ चुका है। 30 सितंबर से पहले 30 से अधिक माइनिंग ब्लॉक आवंटित कर दिए जाएंगे। 15 अक्टूबर से राज्य में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में ठोस पहल होगी।
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रॉयल्टी का पैसा विकास पर होगा खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खनिज संसाधनों की कमी नहीं है। रोहतास में लाइम स्टोन, औरंगाबाद में मिनरल बेल्ट, जहानाबाद और जमुई में मैग्नेटाइट, गया, बांका और भागलपुर में भी खनिजों का बड़ा भंडार है। इन सभी का सदुपयोग कर राज्य के विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए निवेशकों को कई तरह की रियायतें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सभी निवेशकों से आग्रह है कि खुले मन से बिहार में निवेश करें। आप पूरी तरह सुरक्षित हैं। बिहार सरकार हर तरह से आपका सहयोग करेगी।
सीएम ने सबसे महत्वपूर्ण बात रॉयल्टी को लेकर कही। उन्होंने कहा कि खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी का उपयोग सीधे बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा। खनिज संपदा राज्य की धरोहर है। इसका एक-एक रुपया जनता के कल्याण में खर्च होगा। किसी भी स्तर पर दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन से सड़क, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। इससे बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और मंत्रालय के संयुक्त सचिव कदम संदीप वी. भी मौजूद थे। सतीश चंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। सीएम ने कहा कि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी बात हुई है। सतीश चंद्र दुबे बिहार के हैं और राज्य के हित के लिए सक्रिय हैं।
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खनन से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का बजट अब 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। राज्य में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। खनन से मिलने वाली आय से विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में खनिजों की बड़ी भूमिका है। इसलिए खनन को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह, कोयला एवं खान मंत्रालय के निदेशक आशीष सक्सेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। सीएम ने अंत में निवेशकों को भरोसा दिलाया कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए अनुकूल माहौल है। कानून-व्यवस्था बेहतर है और सरकार हर संभव मदद करेगी। खनन क्षेत्र में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश से न सिर्फ राजस्व बढ़ेगा बल्कि हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलेगा।
