बिहार पुलिस ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि पिछले हफ्ते नीट पेपर लीक के विरोध में बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान उसे जबरन लागू कराने के आरोप में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लगभग आधे छात्र नाबालिग हैं। बिहार पुलिस मुख्यालय के बयान के अनुसार, 25 जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा में 91 पुलिसकर्मी और कई अधिकारियों के साथ में 13 आम नागरिक घायल हुए।
बिहार पुलिस के बयान के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में से 339 नाबालिगों और छात्रों को उम्र सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया, जबकि बाकी के 355 लोगों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है।
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13 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़
बयान में बताया गया है कि बंद समर्थकों ने 13 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और एक अन्य सरकारी वाहन में आग लगा दी। हिंसा में घायल होने वालों में सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सिवान और सीतामढ़ी के एक-एक अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) भी शामिल हैं।
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बीडीओ गंभीर रूप से घायल
पुलिस के बयान के अनुसार, सारण जिले में दो प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक की एक आंख चली गई, जबकि दूसरे के सिर में गंभीर चोट आई है। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि दोनों बीडीओ का पटना के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
