बिहार में आम लोगों की समस्याओं के जल्द समाधान के लिए चल रहे सहयोग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को शिकायतों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्यभर से 137 आवेदक पहुंचे जिनकी समस्याएं सुनी गईं और संबंधित विभागों को समाधान के लिए जरूरी निर्देश दिए गए। सरकार का मकसद है कि लोगों की समस्याएं जल्द हल हों और उनका भरोसा बना रहे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा, 'राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में आवेदन करने वाले जिन लोगों की समस्याओं का समाधान हो गया है, उन्हें पटना आने की जरूरत नहीं है। जिन लोगों की समस्याएं जटिल हैं और जिला स्तर पर उनका समाधान नहीं हो पा रहा है, वही लोग राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में समाधान के लिए पटना आएं। सरकार का उद्देश्य हर नागरिक की शिकायत का पारदर्शी, निष्पक्ष और समय पर समाधान करना है।'

 

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सहयोग शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ है। वहीं जिन मामलों का समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है, उनके लिए राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम की व्यवस्था की गई है। यहां उनकी शिकायतों की दोबारा जांच कर उचित और जल्द फैसला लेने की कोशिश की जाती है।

137 लोगों ने रखी अपनी समस्या

कार्यक्रम में राज्यभर से आए 137 आवेदकों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और समाज कल्याण विभाग से जुड़े मामले शामिल थे। मुख्यमंत्री ने हर मामले को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित जिले के जिलाधिकारी और विभाग के अधिकारियों को तय समय के अंदर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित विभाग और जिलाधिकारी ने आवेदकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने का भरोसा दिया।

 

जिन लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ उन्होंने सहयोग कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान हो रहा है। कई आवेदकों ने बताया कि महीनों से अटका उनका काम सहयोग कार्यक्रम में आने के कुछ ही दिनों में हो गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ तय समय के अंदर लोगों की समस्याओं का समाधान करें। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा, 'समस्याओं का समाधान कर जनता को संतुष्ट करना है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सहयोग कार्यक्रम के जरिए लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हो रहा है। इससे लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ा है। इस भरोसे को बनाए रखना जरूरी है। सभी अधिकारी और कर्मचारी आवेदनों के समाधान में पूरी मदद करें।'

 

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30 दिन में होगा समाधान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वृद्धा पेंशन और राशन कार्ड के पात्र लोगों को जल्द इसका लाभ दिया जाए। कोई भी योग्य व्यक्ति तकनीकी कारणों से सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'सरकार का लक्ष्य है कि सहयोग शिविर के जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिन के अंदर हो। सभी विभाग इसे गंभीरता से लें। जमीन, पेंशन, राशन और स्वास्थ्य जैसी जरूरी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।'

 

कार्यक्रम में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और आवेदक मौजूद रहे।