बिहार के सुपौल जिले के वीरपुर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के आरोपों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। लगातार शिकायतें मिलने के बाद एसडीएम विनय कुमार बसमतिया टूर एंड ट्रेवल्स के कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे लेकिन वहां कार्यालय में ताला लगा मिला। बताया गया कि संचालक आरिफ अपने वार्ड नंबर 6 स्थित घर से दिल्ली के लिए निकल चुका है।
बसमतिया टूर एंड ट्रेवल्स पर युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम कार्यालय में की थी। शिकायत में कहा गया कि कई लोगों से पैसे लिए गए लेकिन न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद एसडीएम ने मामले की जांच के लिए कार्यालय का निरीक्षण किया।
यह भी पढ़ें: मुखिया से लेकर राष्ट्रपति तक सैकड़ों चुनाव लड़े, 97 साल के 'धरती पकड़' का निधन
एसडीएम वीरपुर पहुंचकर बसमतिया टूर एंड ट्रेवल्स के कार्यालय गए। वहां उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की। लोगों ने एजेंसी पर विदेश भेजने के नाम पर पैसे लेने की बात बताई। कुछ लोगों ने अपनी शिकायत भी अधिकारियों के सामने रखी। इसके बाद एसडीएम ने पास में मौजूद रेहान ट्रेडर्स के मालिक से भी कार्यालय और उसके संचालक के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि कार्यालय कब से चल रहा है और यहां किस तरह का काम होता था।
कंप्यूटर-लैपटॉप और कागजात मिले
एसडीएम जब कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लगा था। इसके बाद उन्होंने मौके से ही संचालक आरिफ से फोन पर बात की। इसी दौरान थानाध्यक्ष संजय दास को आरिफ के वार्ड नंबर 6 स्थित घर भेजा गया। वहां पता चला कि आरिफ दिल्ली जाने के लिए निकल चुका है। इसके बाद एसडीएम ने एजेंसी से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस और जरूरी कागजात के इस तरह का कार्यालय नहीं चलाया जा सकता।
कुछ देर बाद कार्यालय का स्टाफ मौके पर पहुंचा और ताला खोला गया। अंदर दो कंप्यूटर, दो लैपटॉप और कई कागजात मिले। इनमें विदेश भेजने से जुड़े दस्तावेज, कुछ लोगों के पासपोर्ट की कॉपी और पैसे के लेन-देन की रसीदें बताई जा रही हैं।
एसडीएम के निर्देश पर कंप्यूटर और लैपटॉप की जांच करने की बात कही गई। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कितने लोगों से पैसे लिए गए और कितने लोगों को विदेश भेजा गया। हालांकि कर्मचारियों ने कंप्यूटर का पासवर्ड होने से इनकार किया। उनका कहना था कि पासवर्ड सिर्फ संचालक आरिफ के पास है।
यह भी पढ़ें: बिहार में जमीन के कागज अपडेट होंगे, मृतकों की जमाबंदी वारिसों के नाम होगी
कार्यालय को किया सील
मामले में लगातार शिकायतें मिलने और कार्यालय में मिले सामान को देखते हुए एसडीएम ने कार्यालय को सील करने का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर थानाध्यक्ष संजय दास और बसंतपुर सीओ ब्रजेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से कार्यालय को सील कर दिया। पुलिस अब कार्यालय से मिले दस्तावेजों और शिकायतों की जांच करेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विदेश भेजने के नाम पर पैसे लेने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। स्थानीय इलाके के कई युवा रोजगार के लिए विदेश जाना चाहते हैं। ऐसे में अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि एजेंसी ने कितने लोगों से पैसे लिए और उनके साथ क्या हुआ। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामान की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के आरोपों और इसमें शामिल लोगों की पूरी जानकारी सामने आएगी।
