हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में जमीन के हेरफेर के मामले में नेक राम को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उनकी पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम को नेक राम की पत्नी और माता के नाम पर धर्मशाला और पालमपुर में संपत्तियां मिली हैं। सूत्रों के अनुसार, नेक राम को विधायक सुधीर शर्मा का करीबी माना जाता है। हाल ही में विजिलेंस ने विधायक सुधीर शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में एफआईआर दर्ज की है। उसके बाद नेक राम की गिरफ्तारी इसी मामले की जांच की एक कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

 

विजिलेंस ने आरोपी नेक राम को 13 करोड़ रुपये की जमीन के लेन-देन के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी नेक राम को 1 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। 2 सितंबर को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें 5 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। आज भी उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

 

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धन के स्रोत और आय की पड़ताल

विजिलेंस आरोपी नेक राम के धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है। इसमें राजस्व अधिकारियों के साथ गठजोड़ की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि नेक राम ने जाली दस्तावेजों, हस्ताक्षर के जरिये सरकारी और वन भूमि का हस्तांतरण करवाया है। इसका मूल राजस्व रिकॉर्ड भी गायब पाया गया।

 

इस मामले की जांच-पड़ताल में जांच एजेंसी जुटी हुई है। अधिकारी खास तौर पर जमीन के लेन-देन से जुड़े कागजात की जांच कर रहे हैं। साथ ही अधिकारी उन लोगों से पूछताछ कर रहे हैं, जिनसे नेक राम के रुपयों का लेन-देन हुआ था। फिलहाल जांच-पड़ताल जारी है। आने वाले दिनों में जमीन के सौदों, वित्तीय लेन-देन, राजस्व रिकॉर्ड और आरोपियों से जुड़े सच सामने आने की संभावना है। जांच में जमीन से जुड़े बड़े लेन-देन और संभावित प्रभावशाली गठजोड़ की परतें खुल रही हैं।

 

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विजिलेंस टीम के अधिकारी जांच कर रहे हैं कि कथित जमीन के लेन-देन से किसे फायदा हुआ था। जांच-पड़ताल में धर्मशाला, पालमपुर और आसपास के इलाकों की जमीन के संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच के दौरान 2007 से लेकर अब तक के जमीन के लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।