उत्तर प्रदेश में यूपी-112 पर मदद मांगने वाले लोगों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक अंतर जनपदीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। कन्नौज में सामने आए इस मामले में पुलिस ने गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले यूपी-112 से जुड़े घटनाक्रम और कॉलर्स की जानकारी हासिल करते थे, फिर खुद को पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को झांसे में लेकर उनसे ऑनलाइन भुगतान करा लेते थे।

 

पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से पीआरवी वाहनों के कर्मचारियों को अज्ञात नंबरों से फोन किए जा रहे थे। आरोपी खुद को यूपी-112 मुख्यालय का कर्मचारी बताकर घटनाओं का विवरण, कॉलर का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर लेते थे। इसके बाद संबंधित कॉलर्स को फोन कर स्वयं को स्थानीय थाने का सिपाही, दीवान या लेखपाल बताकर उनकी समस्या के समाधान का भरोसा देते थे।

 

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QR कोड भेजकर करते थे ठगी

आरोपी पीड़ितों से कहते थे कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है और कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए व्हाट्सएप पर अलग-अलग क्यूआर कोड भेजे जाते थे। सरकारी कार्य कराने और मामले का निस्तारण कराने का झांसा देकर पीड़ितों से रुपये ट्रांसफर करा लिए जाते थे।ठगी का शिकार हुए लोगों में घनश्याम, रमन प्रकाश, विनोद कुमार और शांति देवी समेत कई लोग शामिल बताए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह तक पहुंच गई।

 

सोमवार को पुलिस ने शाहजहांपुर जिले के दाउदपुर निवासी अमन कुमार तिवारी और सलिया निवासी रामवीर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने फर्जीवाड़े के लिए सिम कार्ड हासिल किए थे। अमन कुमार तिवारी यूपी-112 मुख्यालय का कर्मचारी बनकर जानकारी जुटाता था, जबकि बाद में कॉलर्स से संपर्क कर उनका काम कराने के नाम पर धन की मांग की जाती थी।

 

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जन सेवा केंद्रों के क्यूआर कोड पर मंगाते थे रकम

पुलिस के अनुसार ठगी की रकम शाहजहांपुर के जन सेवा केंद्रों और अन्य दुकानों के क्यूआर कोड के माध्यम से मंगाई जाती थी, जिससे आरोपियों तक रकम पहुंचती थी। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।

 

एसपी विनोद कुमार ने बताया कि यूपी-112 कॉलर्स को निशाना बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी कार्रवाई के नाम पर फोन या क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि मांगने वालों से सतर्क रहें।