पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा मर्डर केस की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार मानसा स्थित एक मेडिकल हॉल व गोदाम पर दबिश दी। इस दौरान पंजाब सरकार द्वारा निलंबित किए गए ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार भी टीम के साथ मौजूद थे।
दबिश के दौरान टीम के हाथ क्या सुबूत लगे, इसको लेकर किसी प्रकार की जानकारी सीबीआई की तरफ से साझा नहीं की गई है। लगातार दो बार एक ही मेडिकल हॉल पर टीम की दबिश होने से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया।
बता दें कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 11 दिन बाद भी लोगों में गुस्सा है। बता दें कि 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर पर हुए विवाद के दौरान परविंदर सिंह झोटा पर गोलियां चलाई गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राजनीतिक दलों के नेता ने परविंद्र सिंह झोटा के घर जाकर परिवार वालों से मुलाकात की थी।
अश्वनी के खुलासे के बाद दी गई दबिश?
जानकारी के अनुसार मामले में आरोपी अश्वनी ने सीबीआई पूछताछ में जुटी हुई है। पूछताछ के बाद सीबीआई शुक्रवार आधी रात को सस्पेंड चल रहे ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को साथ लेकर मानसा पहुंची। दुकान से कुछ दवाएं लेने के बाद टीम श्मशान घाट रोड पर मानसा मेडिकल हॉल के गोदाम में गई। बताया जा रहा है कि मोहाली में जिस फैक्टरी से आरोपी अश्वनी नशे के कैप्सूल लाता था, उसका लिंक भी मानसा मेडिकल हॉल से जुड़ रहा है।
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तीसरी बैठक भी बेनतीजा
शुक्रवार को इंसाफ कमेटी और एसआईटी के बीच तीसरी बैठक भी बेनतीजा रही। झोटा के पिता ने मांग की है कि मानसा के एसएसपी वैभव शर्मा का तबादला किया जाए। कमेटी ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग दोहराई है।
एसआईटी ने इस मांग को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया है। इसके बाद कमेटी ने संघर्ष जारी रखने का एलान किया और जानकारी दी कि कमेटी 25 अक्टूबर को पूरे राज्य में झाड़ू फूंक प्रदर्शन करेगी। कमेटी ने ख्याला में बनने वाले ट्रॉमा सेंटर का नाम परविंदर झोटा के नाम पर रखने की भी मांग की।
एसआईटी ने कहा कि सेंटर बनने के बाद नामकरण पर विचार किया जाएगा जिस पर कमेटी सहमत नहीं हुई। इधर, शुक्रवार को अभिनेता सोनू सूद और मालविका सूद ने भी परिवार से मिलकर दुख साझा किया।
