बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से लंबित पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को चंडीगढ़ में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। बैंस स्क्वेयर, सेक्टर-17 में बड़ी संख्या में बैंककर्मी जुटे और सभी शनिवार को छुट्टी देने की मांग की।
UFBU के आह्वान पर देश की सभी राज्य राजधानियों, प्रमुख शहरों और केंद्रों में कार्यालय समय के बाद प्रदर्शन किए गए। इससे पहले इसी मांग को लेकर 27 जनवरी 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल भी की गई थी। UFBU ने कहा कि भारतीय बैंक संघ (IBA) की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था पर सहमति बनाकर प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है लेकिन अब तक इस पर फैसला नहीं हुआ है।
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बैंक यूनियनों ने क्या कहा?
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग नई नहीं है। बैंक अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस मुद्दे पर पहले ही सहमति बन चुकी है, उसे अब अनिश्चित समय तक लंबित रखना उचित नहीं है।
नेताओं ने कहा कि बैंककर्मियों ने हर मुश्किल समय में अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आर्थिक संकट, नोटबंदी, कोरोना महामारी और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में बैंक कर्मचारियों की अहम भूमिका रही है। ऐसे में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकेगा।
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यूनियन नेताओं ने दिया डिजिटल बैंकिंग का हवाला
यूनियन नेताओं ने कहा कि आज बैंकिंग सेवाएं केवल शाखाओं तक सीमित नहीं हैं। एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहती है। ऐसे में ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं पर असर डाले बिना पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जा सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस मांग पर लगातार देरी होने से देशभर के बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। UFBU ने संकेत दिया है कि अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो उसके घटक संगठन आगे आंदोलन की रणनीति तय करेंगे। इसमें हड़ताल का विकल्प भी शामिल हो सकता है।
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सभी शनिवार को छुट्टी देने की मांग
प्रदर्शन में जगदीश राय, इकबाल सिंह मल्ही, प्रियव्रत, संजय सिन्हा, गुरबख्श सिंह, पंकज शर्मा, सचिन, राज कुमार अरोड़ा, युगेश, ऋषि उपाध्याय, क्रांति, गौरव, प्रेम पवार, विनय, विभोर, अजय गैपुरिया और अमनदीप सिंह समेत विभिन्न बैंकों के बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
सभा में बैंककर्मियों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से सभी शनिवार को बैंक की छुट्टी घोषित करने और पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को जल्द लागू करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार को इस लंबे समय से लंबित मांग पर अब बिना किसी और देरी के फैसला लेना चाहिए।
