कर्नाटक के बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को एक बड़ा विरोध-प्रदर्शन होने जा रहा है। 'सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के को-फाउंडर आशुतोष रांका ने बताया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) के तहत वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाए जाने के खिलाफ यह आंदोलन होगा। उन्होंने दावा किया है कि सुबह 10:30 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से लोग शामिल हो रहे हैं जिनके नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। इसके साथ ही वहां महिलाओं के समर्थन में 'चप्पल प्रोटेस्ट' का भी ऐलान किया गया है। 

 

इसमें कई प्रमुख हस्तियां और युवा संगठन हिस्सा ले रहे हैं। ऐक्टर प्रकाश राज ने भी सोशल मीडिया के जरिए फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आम लोगों को इस आंदोलन से जरूर जुड़ना चाहिए। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके , प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई लोग इस आंदोलन की अगुवाई करेंगे।

 

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आशुतोष रांका का पोस्ट

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बेंगलुरु के लिए गुरुवार का दिन एक्शन भरा रहेगा! फ्रीडम पार्क, सुबह 10:30 बजे से। इस गुरुवार, 8 अक्टूबर को हम SIR पर 'पीपल्स ट्रिब्यूनल' में शामिल होंगे और उन कन्नड़ लोगों से मिलेंगे जिन्हें गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इसके बाद महिलाओं के समर्थन में 'चप्पल विरोध प्रदर्शन' होगा। आप सभी के बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद है!'

 

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

CJP का कहना है कि राज्य में पुरानी वोटर लिस्ट बहाल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से जितने भी नाम काटे गए हैं, उन सभी फैसलों को रद्द किया जाए। साथ ही प्रक्रिया शुरू होने से पहले की वोटर लिस्ट को वापस लागू किया जाए।

 

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इस प्रोटेस्ट के जरिए CJP मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को फिर से उठा रही है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में हुई कथित धांधलियों की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसा कहा जा रहा है कि इसके माध्यम से कर्नाटक के आम कन्नड़ भाषी लोगों की समस्याओं को भी सामने लाया जाएगा जो अपने वोट देने के अधिकार से वंचित हो चुके हैं।