उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रसाद में बांटे गए चरणामृत ने पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया। बताया जा रहा है कि यह चरणामृत जिस गाय के दूध से बना था, उसे पागल कुत्ते ने काटा था। गाय की मौत के बाद गांव में दहशत फैल गई। मामला स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा तो गांव पहुंचकर टीम ने 450 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव का है। यहां एक गाय में रेबीज के लक्षण दिखे। गाय के मालिक नवमी यादव ने बताया कि आशंका है कि उसे कुत्ते ने काटा था। मंगलवार को तबीयत बिगड़ने पर उसे पशु चिकित्सक को दिखाया गया। अचानक गाय भौंकने लगी और मंगलवार शाम को उसकी मौत हो गई।
यह भी पढ़ें: त्योहारों में टिकट की चिंता खत्म, उत्तर रेलवे ने बढाए विशेष ट्रेनों के 30% फेरे
गाय की मौत के बाद मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि कुछ घरों और दुकानों में दूध जाता था। दुर्गा पूजा के चरणामृत में भी इसी गाय के दूध का इस्तेमाल किया गया। बाद में जब उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत होने पर डाड़ी व गोविंदपुर गांव में हड़कंप मच गया। गांव वालों ने जब एंटी रेबीज टीका लगवाना शुरू किया तो मामला स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा।
सबसे पहले मंगलवार को 50 लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन लगवाई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की डाड़ी गांव पहुंची। बुधवार को 500 लोगों का टीकाकरण किया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की टीम में सीएचओ राजेश यादव, फार्मासिस्ट अंकिता, प्रियंका, सिद्धार्थ और अरशद शामिल थे। टीम ने सभी ग्रामीणों से एंटी रेबीज वैक्सीन की पूरी डोज लगवाने की सलाह दी।
यह भी पढ़ें: खुद नशा करते थे, फिर कैसे बने एंटी ड्रग एक्टिविस्ट, परविंदर सिंह झोटा की कहानी
गाय में रेबीज की आशंका
दरअसल, पशु चिकित्सक ने गाय के लक्षण के आधार रेबीज की आशंका जताई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम टीकाकरण के अलावा ग्रामीणों को जागरुक कर रही है। वहीं सभी लोगों ने टीका लगवाने की अपील भी की।
