देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो की लंबाई 416 किलोमीटर है और 303 रेलवे स्टेशन हैं। 12 अलग-अलग लाइन वाले इस मेट्रो नेटवर्क में 29 इंटरचेंज स्टेशन हैं। इन स्टेशनों पर एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने की सुविधा है। तमाम सुविधाओं के बीच दिल्ली मेट्रो का एक स्टेशन ऐसा भी है जहां से ना तो आप मेट्रो पकड़ सकते हैं और ना ही आप वहां उतर सकते हैं। पिंक लाइन पर बना सूरघाट मेट्रो स्टेशन आप सिर्फ ट्रेन के अंदर से देख सकते हैं क्योंकि यात्रियों के लिए यहां ट्रेन रुकती ही नहीं है।

 

पिंक लाइन अब सर्कुलर यानी रिंग लाइन जैसी बन गई है। यानी अगर आप इस लाइन के किसी एक स्टेशन से ट्रेन पर बैठें तो कुछ घंटे बाद ट्रेन आपको वापस वहीं ले आएगी। मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजलिस पार्क से मौजपुर बाबरपुर सेक्शन का उद्घाटन किया था। इस लाइन के इस सेक्शन के चलते पूर्वी दिल्ली और बाहरी दिल्ली के कई इलाकों तक मेट्रो की कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है। हालांकि, मार्च में उद्घाटन किए गए 8 में 7 स्टेशन ही ऐसे हैं जिनसे यात्रियों के आने-जाने की सुविधा है। सूरघाट स्टेशन पर कोई ट्रेन नहीं रुकती है। जब यह ट्रेन सूरघाट स्टेशन पर पहुंचती है तो कभी-कभार अनाउंसमेंट भी होती है कि ट्रेन सूरघाट पर नहीं रुकेगी। यानी ट्रेन सोनिया विहार से चलेगी तो सीधे जगतपुर विलेज स्टेशन पर ही रुकेगी।

 

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क्या है मौजूदा स्थिति?

वजीराबाद फ्लाइओवर और साहिबी नदी (नजफगढ़ नाला) के ठीक बीच में बना यह स्टेशन इंजीनियर्स के लिए काफी चुनौती भरा रहा है। कहा जाता है कि अभी इस फ्लाइओवर और मेट्रो स्टेशन के बीच एक और फ्लाइओवर बनना है। साथ ही, मेट्रो स्टेशन के नीचे एक सबवे भी बनाया जा सकता है। यह सब करने के लिए मेट्रो स्टेशन बाधा बन सकता है इसलिए सारा काम रुका हुआ है। अभी ना तो यहां मेट्रो स्टेशन बनाने का काम हो रहा है और ना ही फ्लाइओवर बन रहा है। यही वजह है कि यहां कोई ट्रेन नहीं रुकती।

 

स्टेशन के एक हिस्से पर एक टेंपरेरी सीढ़ी बनाई गई है जिससे स्टेशन की सुरक्षा के लिए गार्ड और अन्य स्टाफ जा सकते हैं। स्टेशन का प्लेटफॉर्म तैयार है लेकिन वहां स्टाफ के बैठने, चेकिंग करने के लिए गेट या अन्य सुविधाएं नहीं बनाई जा सकी हैं। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस स्टेशन का कॉनकोर्स लेवल जमीन पर बनेगा या जमीन के नीचे बनेगा। सिर्फ इसी स्टेशन की वजह से पिंक लाइन को शुरू करने में देरी हो रही थी इसलिए इस स्टेशन को रोककर लाइन शुरू कर दी गई है।     

 

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आगे क्या होगा?

इस लाइन पर आवागमन शुरू होने के 3 महीने बाद भी यह स्टेशन बंद है क्योंकि अभी तक स्टेशन का काम ही नहीं हुआ है। 11 जून को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 47.34 करोड़ रुपया का एक टेंडर निकाला है ताकि स्टेशन का काम पूरा किया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह टेंडर गाड़ियों के गुजरने के लिए एक अंडरपास बनाने के साथ-साथ स्टेशन बनाने का है। यह काम टेंडर मिलने के बाद 8 महीने में पूरा करना होगा।

 

मार्च में उद्घाटन के समय DMRC के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन) अनुज दयाल ने बताया था कि स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट को सबवे और PWD के फ्लाइओवर के साथ ही बनाया जाना था। हालांकि, इसमें देरी हो गई। उन्होंने यह भी बताया था कि सबवे बनाने को लेकर जो दिक्कत आ रही थी, वह दूर कर ली गई है और इस साल के आखिर तक काम पूरा हो जाएगा। हालांकि, अभी तक इस पर काम नहीं शुरू हुआ है और माना जा रहा है कि कम से कम एक साल तक इस स्टेशन पर लोगों का चढ़ना-उतरना संभव नहीं होगा।