तमिलनाडु में शुक्रवार को एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने डीएमके के जीतकर आए 59 विधायकों को फ्री में कारों की पेशकश की लेकिन विपक्षी दल ने इसको ठुकरा दिया। डीएमके ने राज्य पर बढ़ते कर्ज का हवाला देते हुए इस ऑफर को मना कर दिया। इससे पहले सीएम विजय ने सरकारी पैसों से अपने विधायकों को फ्री में कारें दी थीं।

 

तमिलनाडु में नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि डीएमके के सभी 59 विधायकों ने विजय के ऑफर का फायदा नहीं उठाने का फैसला किया है। 

उदयनिधि ने क्या कहा?

उदयनिधि ने कहा, 'TVK सरकार सत्ता में आने के बाद पहले दिन से ही कह रही है कि सरकार कर्ज में है, इसलिए डीएमके के सभी 59 विधायकों ने इस ऑफर को मना कर दिया है। हम सरकार से गुजारिश करते हैं कि वह विधायकों को उनके चुनावी हलफनामे, उनके पास पहले से कार है या नहीं और उनकी आर्थिक हालत क्या है, यह जांचने के बाद ही मुफ्त कारें दे।'

 

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लग्जरी पर खर्च नहीं करना चाहिए- DMK

इससे पहले, डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को जनता का पैसा ऐसी लग्जरी पर खर्च नहीं करना चाहिए जो उनकी प्राथमिकता नहीं है। 'टीवीके सरकार जनता का पैसा लग्जरी पर खर्च करना चाहती है, जो उनकी प्राथमिकता नहीं है। सीएम ने कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला था, तब राज्य का खजाना खाली हो गया था। अब, वे यह वादा कैसे पूरा करेंगे?'

 

डीएमके को TVK  का जवाब

 

वहीं, डीएमके को जवाब देते हुए मंत्री अधव अर्जुन ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सभी विधायकों के साथ एक जैसा बर्ताव करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि VCK और कम्युनिस्ट पार्टियों जैसी छोटी पार्टियों के कई विधायकों की आर्थिक हालत खराब है। कारें कोई लग्जरी नहीं बल्कि उनके लिए अपने चुनाव क्षेत्रों के सभी इलाकों में जाने के लिए एक मूलभूत जरूरत है।

 

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पहली बार विधायक बने लोगों के पास कार नहीं

विधायक विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK ) के विधायक एलई जोथिमनी ने 12 अगस्त को सरकार से कार मांगी थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें रोजाना सचिवालय जाने में दिक्कत होती है। इस पर सीएम विजय ने खुद जवाब देते हुए कहा कि कई विधायकों के पास निजी कार नहीं है, जिससे उनके लिए चुनाव क्षेत्र के काम का मुश्किल हो जाता है।

 

सीएम ने कहा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार विधानसभा के सभी सदस्यों को गाड़ियां देगी। बिना रिश्वत के ईमानदार प्रशासन चलाने वाली सरकार को अपने सदस्यों की मूलभूत जरूरतें पूरी करनी चाहिए।'

 

विजय ने कहा कि ड्राइवर की सैलरी, फ्यूल और कार का मेंटेनेंस जैसे खर्चों को कवर करने के लिए 75,000 हर महीने दिया जाएगा। इसके अलावा, ऑफिस के काम के लिए एक असिस्टेंट रखने के लिए 25,000 दिए जाएंगे।