रेप के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास बेंगलुरु की जेल में मोबाइल फोन मिलने से हड़कंप मच गया है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों की अचानक छापेमारी के दौरान रेवन्ना फोन का इस्तेमाल करते हुए पाए गए। जेल DGP अलोक कुमार ने बुधवार को इस मामले की जानकारी दी और बताया कि अभी सीसीटीवी फुटेज की जांच चल रही है। इस मामले में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है और एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
अब जांच की जा रही है कि जेल की कड़ी सुरक्षा के बावजूद मोबाइल फोन उसके पास कैसे पहुंचा। इस मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ईरन्ना रंगापुर को कथित लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। वहीं जेल सुपरिंटेंडेंट अंसुच कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर सुरक्षा में हुई चूक पर जवाब मांगा गया है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पूर्व पीएम के पोते और पूर्व सांसद
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे हैं। उन्हें पिछले साल एक महिला के साथ दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। प्रज्वल रेवन्ना ने उन्हें एक परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 48 साल की एक महिला के साथ रेप करने और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर वीडियो लीक करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में उन्हें कोर्ट ने दोषी ठहराया था।
कांग्रेस ने क्या कहा?
इस विवाद पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, 'यह एक गंभीर मामला है। वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैसे कर रहे थे, उन्होंने पहले क्या किया है, उनका व्यवहार कैसा रहा है, उन्होंने महिलाओं के साथ किस तरह का बर्ताव किया और महिलाओं को लेकर उनकी सोच क्या रही है, यह सब हमने पहले देखा है। अब अगर उन्होंने जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है, तो मुझे पूरा भरोसा है कि उनके पिता, दादा या उनके राजनीतिक परिवार की विरासत के जरिए राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल किया गया होगा। इसलिए यह एक गंभीर मुद्दा है और इसकी बहुत गंभीरता से जांच होनी चाहिए।'
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस मामले पर कहा कि इस मामले में कोई भी राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मामले में दोषी अधिकारियों और अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जेल में किसी को भी वीवीआईपी सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
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बेंगलुरु में पहले भी हुआ था विवाद
प्रज्वल रेवन्ना के पास जेल में मोबाइल मिलने की घटना ने एक बार फिर जेलों में वीआईपी कैदियों को कथित तौर पर मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेंगलुरु की इसी जेल में 2024 में एक्टर दर्शन के जेल के अंदर पार्टी करने और मोबाइल फोन पर बात करने के वीडियो सामने आने के बाद भी विवाद हुआ था। उस मामले में कई जेल अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था और दर्शन को बेल्लारी सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया गया था।
जेल नियमों के मुताबिक, कैदियों के पास निजी मोबाइल फोन, सिम कार्ड या अन्य इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन डिवाइस नहीं होना चाहिए। कैदियों को फोन पर बातचीत के लिए जेल प्रशासन की निगरानी में उपलब्ध निर्धारित सुविधाओं का ही इस्तेमाल करना होता है। ऐसे में प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन मिलने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल जांच का मुख्य बिंदु यही है कि फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा और इस मामले में और कौन लोग शामिल थे। कांग्रेस पार्टी आरोप लगा रही है कि उन्होंने अपने परिवार के राजनीतिक संबंधों का फायदा उठाकर ऐसा किया है।
