हरियाणा सरकार पांच नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का प्लान बना रही है और यह शहर कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बनाए जा सकते हैं। यह एक्सप्रेसवे करीब 135 किलोमीटर लंबा है और अब इसके दोनों और शहरों के विकास से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। यह योजना बढ़ती आबादी को देखते हुए भी काफी अहम हो जाती है।
इन प्रस्तावित शहरों के विकास के लिए 'पंचग्राम विकास प्राधिकरण' के गठन की योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार इन शहरों की प्लानिंग और बुनियादी ढांचे के लिए सिंगापुर के शहरी विकास मॉडल का अध्ययन भी करेगी। इसके लिए राज्य सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर जाकर वहां की शहरी व्यवस्था, परिवहन, बुनियादी ढांचे और नियोजित विकास प्रणाली को समझेगा।
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बढ़ती आबादी के लिए अहम
सरकार की योजना सिर्फ नए आवासीय क्षेत्र विकसित करने तक सीमित नहीं है। प्रस्तावित पांचों शहरों को भविष्य की आबादी, रोजगार, उद्योग, परिवहन और नागरिक सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे। यह ग्रीनफील्ड शहर होंगे, यानी यहां सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, सार्वजनिक परिवहन, आवासीय क्षेत्र और औद्योगिक गतिविधियों की योजना शुरुआत से ही एक मास्टर प्लान के तहत तैयार की जाएगी। सरकार का दावा है कि 2041 की गतिविधियों को ध्यान में रखकर यह प्लान तैयार किया जा रहा है।
सिंगापुर मॉडल की स्टडी
सरकार की ओर से बताया गया है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मार्च में सिंगापुर इंडिया बिजनेस फोरम के प्रतिनिधियों के साथ हरियाणा में निवेश और औद्योगिक सहयोग को लेकर चर्चा की थी। अब प्रस्तावित शहरों की प्लानिंग में सिंगापुर की शहरी व्यवस्था का अध्ययन करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है। सिंगापुर को एक आदर्श शहर माना जाता है और अब हरियाणा की इस प्रस्तावित योजना के लिए भी इस शहर की व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा।
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NCR प्लानिंग बोर्ड में हुई थी चर्चा
इस प्रस्तावित परियोजना को लेकर NCR प्लानिंग बोर्ड में भी चर्चा हुई थी। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने बताया कि पंचग्राम परियोजना को लेकर जून 2026 में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में भी चर्चा हुई थी। ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 में केएमपी के साथ पांच नए शहरों की योजना को जगह मिली है। अभी इन शहरों को बनाने के लिए प्लान चल रहा है और योजना से जुड़ी औपचारिकताएं नहीं हुई हैं। इस प्रस्तावित परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद हरियाणा के शहरी क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी और अन्य शहरों पर दबाव कम होने की संभावना है।
