हिमाचल प्रदेश की आर्थिक तंगहाली और वित्तीय अनुशासन का हवाला देकर सरकार लगातार खर्चों में कटौती की बात करती है, लेकिन इसी बीच बोर्ड और निगमों में राजनीतिक नियुक्तियां पाने वाले अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को बड़ा तोहफा दिया है। इनके दैनिक भत्ते में तीन गुना का इजाफा किया गया है।

 

वित्त विभाग की अधिसूचना के मुताबिक अब प्रदेश से बाहर आधिकारिक दौरे पर इन पदाधिकारियों को 400 रुपये की जगह 1,200 रुपये का दैनिक भत्ता मिलेगा। सरकार ने बढ़ती यात्रा लागत और प्रशासनिक दायित्वों को इसका आधार बताया है। 

 

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आर्थिक संकट के बीच बढ़ा सियासी सवाल

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब हिमाचल वित्तीय दबाव से गुजर रहा है। इसी वर्ष सरकार ने बोर्डों-निगमों और सलाहकारों को दिए गए कैबिनेट दर्जे को खत्म करने तथा वेतन-भत्तों में कटौती जैसे कदम उठाए थे। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब कर्मचारी, पेंशनर और प्रदेश की जनता खर्चों और आर्थिक दबाव की मार झेल रही है, तब बोर्ड और निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के भत्ते में वृद्धि की जरूरत क्यों पड़ी?

विपक्ष उठाता रहा सवाल

बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों को मिलने वाले वेतन, मानदेय और सुविधाओं को लेकर सुक्खू सरकार पहले भी विपक्ष के निशाने पर रही है। जुलाई 2025 में इन पदों पर नियुक्त लोगों के मासिक मानदेय को 80 हजार रुपये किए जाने की खबर भी सामने आई थी। अब दैनिक भत्ते में तीन गुना वृद्धि ने सियासी बहस को तेज कर दिया है।

'मितव्ययिता' बनाम 'सियासी सुविधाएं'

सरकार की दलील है कि यात्रा महंगी हुई है और पदाधिकारियों की प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ी हैं। लेकिन विपक्ष के लिए यह फैसला सरकार पर हमला करने का नया हथियार बन सकता है, क्योंकि सवाल सिर्फ 400 से 1,200 रुपये होने का नहीं है। सवाल उस संदेश का है, जो यह फैसला प्रदेश की जनता को देता है। 

हिमाचल सरकार में 30 निगमों में नियुक्तियां

सुक्खू सरकार ने अपने करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल में 30 बोर्डों और निगमों में राजनीतिक नियुक्तियां की हैं। हालांकि सीएजी के 31 मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल में 32 राज्य सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) हैं। इनमें 27 कार्यरत, 3 गैर-कार्यरत और 2 सांविधिक निगम शामिल हैं। यह संख्या राजनीतिक नियुक्तियों वाले बोर्डों/निगमों की संख्या से अलग है।

नए दैनिक भत्ते से कितना अतिरिक्त बोझ?

  • वित्त विभाग की ताजा अधिसूचना के मुताबिक राज्य से बाहर आधिकारिक यात्रा के दौरान दैनिक भत्ता-
  • पहले: 400 रुपये प्रतिदिन
  • अब: 1,200 रुपये प्रतिदिन
  • बढ़ोतरी: 800 प्रतिदिन यानी 200% अतिरिक्त
  • पुरानी राशि के मुकाबले नया भत्ता तीन गुना है।

पिछले साल 50 हजार मानदेय बढ़ा चुकी सरकार

1 जुलाई 2025 से सरकार ने बोर्डों/निगमों के गैर-सरकारी अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का मासिक मानदेय 30,000 से बढ़ाकर सीधा 80,000 कर दिया था। सरकार की मूल अधिसूचना में 80,000 मानदेय के साथ 25,000 एचआरए, 3,500 सत्कार भत्ता, 2,500 वाहन भत्ता और 900 टेलीफोन भत्ता भी निर्धारित किए गए थे। जिसका जोरदार विरोध हुआ था। विपक्ष ने इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया था। 

 

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बीजेपी ने सरकार को घेरा

हिमाचल प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता राकेश शर्मा ने कहा कि छह महीने पहले आर्थिक संकट बताकर 20 फीसदी मानदेय रोकने वाली सरकार ने अब ऐसा क्या बदल गया कि राजनीतिक नियुक्तियों के राज्य से बाहर दौरों का भत्ता तीन गुना करना पड़ा। सरकार के पास जनता को देने के नाम पर पैसे नहीं हैं, लेकिन मित्रमंडली के लिए भरपूर धन है।