पंजाब बंद का असर हिमाचल प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। पंजाब में बंद और संभावित परिस्थितियों को देखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने हिमाचल से पंजाब की ओर जाने वाली बस सेवाओं को फिलहाल रोक दिया। 

 

इसका सबसे ज्यादा असर ऊना के अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) पर देखने को मिला, जहां कई यात्री बसों के इंतजार में घंटों बैठे रहे। बंद के कारण ऊना से चंडीगढ़, दिल्ली, नालागढ़ और हरियाणा के विभिन्न शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। बसों के संचालन को लेकर यात्रियों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।

 

यह भी पढ़ें: '500 लोग, सिर्फ 4 बजे तक समय', अब यहां आरक्षण हटाओ आंदोलन की मिली अनुमति

परेशान यात्रियों ने क्या कहा?

हरियाणा के पिंजौर जाने वाली यात्री पूनम शर्मा ने बताया कि वह परिवार के साथ करीब चार घंटे से बस का इंतजार कर रही थीं। उनका कहना था कि दोपहर दो बजे के बाद सेवाएं शुरू होंगी या नहीं, इसको लेकर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी।

 

इसी तरह कांगड़ा से नालागढ़ जाने वाले सुनील कुमार और अरुण कुमार भी काफी समय तक ऊना बस अड्डे पर रुके रहे। यात्रियों का कहना था कि बंद के कारण उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस नहीं मिल सकी।

हालात देखकर लिया जाएगा आगे का फैसला

HRTC के अड्डा इंचार्ज संदीप राणा के मुताबिक पंजाब में बंद को देखते हुए हिमाचल से बाहर जाने वाली बसों को दोपहर दो बजे तक रोकने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि दो बजे के बाद भी पंजाब के हालात की समीक्षा करने के बाद ही बसों को रवाना किया जाएगा।

 

यह भी पढ़ें: वंदे मातरम पर हिमाचल विधानसभा में हंगामा, सदन के भीतर भिड़े BJP-कांग्रेस विधायक

 

उन्होंने बताया कि बंद के कारण HRTC के कई रूट प्रभावित हुए हैं और कुछ सेवाओं को अस्थायी तौर पर स्थगित करना पड़ा है। ऐसे में पंजाब की स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों को बस संचालन के संबंध में इंतजार करना पड़ सकता है।

बंद का असर सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं

पंजाब में बुलाए गए बंद का प्रभाव हिमाचल से जुड़े अंतरराज्यीय परिवहन पर पड़ना यह बताता है कि दोनों राज्यों के बीच रोजाना होने वाली आवाजाही किस तरह एक-दूसरे पर निर्भर है। ऊना जैसे सीमावर्ती जिलों से पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा की ओर बड़ी संख्या में लोग बसों से सफर करते हैं। ऐसे में बस सेवाएं रुकने से आम यात्रियों को सीधे तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ा।