उत्तर प्रदेश के कानपुर में दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे 37 साल के बीरू सिंह भदौरिया को जान से मार दिया गया। हमलावरों ने पहले कार से टक्कर मारी और फिर उनके हाथ को कार के शीशे से बांध दिया। वही यहीं नहीं रूके, उन्होंने बीरू के हाथ बांधकर उनको कार की छत पर डाल दिया और करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा। इसके बाद उन्हें राजेंद्र नगर के पास सड़क पर फेंक दिया गया। परिवार वालों ने उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के कई सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। हालांकि, परिवार का आरोप है कि इतने सबूत होने के बाद भी पुलिस ने हत्या की नहीं बल्कि एक्सिडेंट की FIR की दर्ज की।
बीरू सिंह भदौरिया एक फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी में सेल्समैन थे। 37 वर्षीय बीरू का कुछ दिन पहले खाड़ेपुर नई बस्ती के रहने वाले राजवीर और मेवालाल से विवाद हुआ था। मंगलवार रात बीरू दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान मेवालाल कार लेकर पहुंचा। कार में राजवीर समेत तीन अन्य लोग भी सवार थे। आरोपियों ने बीरू को रास्ते में रोककर मारपीट की और फिर कार से टक्कर मार दी।
डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा गया
हमलावरों ने बीरू को बहुत बर्बर तरीके से मारा। परिवार वालों के मुताबिक, टक्कर मारने के बाद बीरू को कार की छत पर फेंक दिया गया। उनके दोनों हाथ कार की खिड़कियों में फंसाकर शीशे बंद कर दिए गए। इसके बाद आरोपी तेज रफ्तार में करीब डेढ़ किलोमीटर तक कार दौड़ाते रहे। इस दौरान मोहल्ले में लगे सीसीटीवी में उनका यह क्रूर कृत्य कैद हो गया है।
परिवार ने आरोप लगाया कि डेढ़ किलोमीटर कार दौड़ाने के बाद बीरू को राजेंद्र नगर में अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास सड़क पर फेंक दिया। इसके पहले की कोई वहां पहुंचे हमलावर वहां से फरार हो गए। बीरू के शरीर पर कई गंभीर चोटे आईं थी। उसकी उंगलियां बुरी तरह कुचल गईं थी।
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डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटनास्थल वाले सड़क से स्थानीय देवेंद्र सिंह चौहान गुजर रहे थे। उन्होंने बीरू को पहचान लिया और परिवार को इसकी सूचना दी। परिवार तुरंत राजेंद्र नगर के उस सड़क पर पहुंचा और बीरू को उन्हें पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें हैलट अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। बीरू की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
'पुलिस ने हत्या की FIR दर्ज नहीं की'
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से हत्या की कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने एक्सीडेंट की FIR दर्ज की। उनका कहना है कि शुरुआत में दिए गए प्रार्थना पत्र में एक्सीडेंट का जिक्र था, लेकिन बाद में घटना की गंभीरता सामने आने पर उन्होंने पुलिस से हत्या के मामले में कार्रवाई करने को कहा। इसके बावजूद पुलिस ने उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की। हालांकि, FIR में दर्ज धाराओं और पुलिस की कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति की पुष्टि जरूरी है।
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परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की
रिपोर्ट के मुताबिक, घटना से जुड़े दृश्य दो दर्जन से ज्यादा CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए हैं। फुटेज में तेज रफ्तार से दौड़ती कार और उसकी छत पर युवक के फंसे होने की बात सामने आई है। आरोप है कि घटना में इस्तेमाल कार मेवालाल की है। पुलिस ने कार के नंबर और आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की, जिसमें फतेहपुर जिले के जहानाबाद की लोकेशन सामने आई। फिलहाल CCTV फुटेज, कार की लोकेशन और परिजनों के बयान मामले की जांच में अहम हैं।
परिवार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। पुलिस जांच में घटना की पूरी सच्चाई सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात किस तरह हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
