बिहार के अकबरनगर में सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी कपिल देव पासवान को अकबरनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर एक महिला से नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपए से अधिक ठगने का आरोप है। पीड़ित महिला ने इस मामले में भागलपुर सिविल कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था जिसके बाद से आरोपी फरार चल रहा था। कोर्ट द्वारा कुर्की का आदेश जारी होने के बाद पुलिस ने उसके घर पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी कपिल देव पासवान पर आरोप है कि उसने एक महिला को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और धीरे-धीरे करके 10 लाख रुपए से अधिक की राशि ऐंठ ली। महिला ने जब नौकरी नहीं मिलने पर पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा और फिर फरार हो गया। इसके बाद महिला ने भागलपुर सिविल कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को नोटिस जारी किया लेकिन वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। लगातार कोर्ट में पेश नहीं होने की वजह से अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था और उसकी संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी कर दिया था। संपत्ति जब्ती के इस आदेश के मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
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पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करके कपिल देव पासवान को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में शामिल दो दूसरे आरोपी राघवेंद्र पासवान और रीता चक्रवर्ती पहले ही हाईकोर्ट से जमानत ले चुके हैं।
बेरोजगार युवकों को बनाता था निशान
पुलिस ने बताया कि राघवेंद्र पासवान और कपिल देव पासवान का एक संगठित गिरोह है जो भागलपुर सहित कई जिलों में सक्रिय है। यह गिरोह बेरोजगार और भोले-भाले लोगों को निशाना बनाता है। गिरोह के सदस्य खुद को बड़े अधिकारियों का करीबी बताते हैं और सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देते हैं। कभी शिक्षक की नौकरी, कभी पुलिस और कभी रेलवे में नौकरी के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। लोगों को विश्वास में लेने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र, जॉइनिंग लेटर और यहां तक कि फर्जी मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाए जाते हैं। जब लोगों को ठगी का एहसास होता है तब तक आरोपी फरार हो चुके होते हैं। पुलिस का कहना है कि कपिल देव पासवान के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। कई लोगों ने नौकरी के नाम पर ठगी की मौखिक शिकायत की है लेकिन लिखित शिकायत नहीं देने के कारण मामला दर्ज नहीं हो सका था।
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आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है पुलिस
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है और कुल कितनी राशि वसूली गई है। राघवेंद्र पासवान और रीता चक्रवर्ती की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि दोनों ने हाईकोर्ट से जमानत ले ली है लेकिन पुलिस उनसे भी पूछताछ कर सकती है। अकबरनगर थानाध्यक्ष ने बताया कि सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के साथ इस तरह की ठगी हुई है तो वे आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस हर शिकायत पर कार्रवाई करेगी।
