आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के प्रति समर्थकों की दीवानगी किसी से छिपी नहीं है, लेकिन वैशाली जिले के भगवानपुर में जो हुआ, उसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। यहां आरजेडी नेता केदार प्रसाद यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तस्वीर का 251 किलो दूध से अभिषेक किया। पंडित अभय आचार्य की देखरेख में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
लालू यादव की तस्वीर को फूल-माला से सजाया गया और मंत्रोच्चार के बीच दूधाभिषेक किया गया। इस दौरान समर्थकों ने अपनी राजनीतिक निष्ठा और श्रद्धा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बन गया है।
गरीबों और वंचितों के मसीहा हैं लालू
इस मौके पर केदार प्रसाद यादव ने लालू यादव को कलयुग का अवतार और भगवान का रूप बताया। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने गरीबों और वंचितों की आवाज को मजबूती दी है और उनके अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया है। इसी वजह से उनके समर्थक उन्हें सम्मान और आस्था की नजर से देखते हैं। उन्होंने लालू यादव की तुलना भगवान कृष्ण से करते हुए कहा कि जिस तरह द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने कंस का वध कर लोगों को अत्याचार से मुक्ति दिलाई थी, उसी तरह लालू प्रसाद यादव ने गरीबों के हक की लड़ाई लड़कर उन्हें अधिकार दिलाया।
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उन्होंने कहा कि उनके लिए लालू यादव केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि भगवान के समान हैं, इसलिए उन्होंने पूरी आस्था के साथ तस्वीर का अभिषेक किया है। केदार ने कहा कि लालू यादव ने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी और पिछड़ों को बोलने की हिम्मत दी।
विपक्ष को मिल सकता है नया मुद्दा
बता दें कि भगवानपुर में लालू यादव के समर्थकों की ओर से इस तरह के आयोजन पहले भी किए जाते रहे हैं। यहां केदार प्रसाद यादव पहले भी लालू यादव के जन्मदिन पर केक काटने से लेकर पूजा-पाठ जैसे कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक शख्सियत की तस्वीर का इस तरह धार्मिक अनुष्ठान के जरिए पूजन किया जाना बिहार की सियासत में एक बार फिर व्यक्तिपूजा और राजनीतिक आस्था की बहस को हवा दे सकता है।
आरजेडी समर्थकों के लिए यह जहां श्रद्धा और सम्मान का प्रदर्शन है, वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक व्यक्तित्व के महिमामंडन के तौर पर देख सकते हैं। बीजेपी और जेडीयू के नेता अक्सर आरजेडी पर परिवारवाद और व्यक्तिपूजा की राजनीति करने का आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में यह आयोजन विपक्ष को बैठे-बिठाए एक नया मुद्दा दे सकता है।
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पूरे इलाके में हो रही है इस घटना की चर्चा
इधर इस आयोजन के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे कार्यकर्ता की सच्ची श्रद्धा बता रहे हैं, तो कुछ इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सुर्खियों में आने का तरीका बता रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार में लालू यादव आज भी गरीबों और वंचित वर्ग के लिए एक बड़े नेता हैं। उनकी छवि एक ऐसे नेता की है जिसने सामाजिक न्याय की बात को मजबूती से रखा। इसलिए समर्थक उन्हें भगवान के रूप में देखते हैं।
