मध्य प्रदेश के देवास जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से शराब बनाने का मामला सामने आया है। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय अजय राठौर के रूप में हुई है। अजय पर आरोप है कि उसने घर पर AI की मदद से शराब बनाना सीखा। उसने अपने नजदीकी शहर इंदौर के दवा बाजार से केमिकल मंगवाया। उसने पुरानी बोतलों में केमिकल और पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की। पुलिस ने इस मामले में अजय राठौर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में तीन लाइसेंसी शराब दुकानों के दो मैनेजर और दो सेल्समैन भी शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

मध्य प्रदेश के देवास में पिछले एक महीने के अंदर कुल 13 लोगों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने इन मौतों के पीछे का कारण जहरीली शराब को बताया है। शराब पीने वालों के परिजनों ने बताया कि शराब पीने के बाद लोगों को उल्टी, चक्कर आना, मुंह से झाग निकलना और दिखाई न देने जैसी समस्याएं हुईं। हालांकि, प्रशासन ने अजय राठौर की बनाई नकली शराब को इन मौतों का कारण मानने की पुष्टि नहीं की है। मौतों की असली वजह जानने के लिए जांच की जा रही है।

AI की मदद से कैसे तैयार की नकली शराब?

पुलिस के मुताबिक, अजय राठौर ने सितंबर से AI की मदद से घर पर शराब बनाने के तरीके के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की थी। इसके बाद उसने इंदौर की एक निजी फर्म के जरिए केमिकल मंगवाए और घर पर नकली शराब तैयार की। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कबाड़ियों से पुरानी शराब की बोतलें खरीदी थीं।

 

आरोप है कि इन बोतलों में नकली शराब भरकर उन्हें असली शराब की तरह बेचा गया। इतना ही नहीं, नकली शराब की बोतलों को असली शराब की पेटियों में मिलाकर गांवों तक पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक, नकली शराब तैयार करने का काम 2 से 7 अक्टूबर के बीच हुआ और 7 से 12 अक्टूबर के बीच इसकी बिक्री की गई।

 

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शराब की दुकानों के कर्मचारियों पर भी आरोप

इस मामले में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में लाइसेंसी शराब दुकानों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, तीन लाइसेंसी दुकानों के दो मैनेजर और दो सेल्समैन पर भी अवैध शराब की सप्लाई में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान नकली शराब बनाने और उसे बेचने के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली शराब कहां-कहां बेची गई और किन लोगों तक पहुंची। आरोपियों के खिलाफ अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 

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देवास में 13 मौतों का मामला क्या है?

देवास जिले के चंदाना, बिंजाना और आसपास के इलाकों में पिछले एक महीने के दौरान कई लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। ग्रामीणों ने दावा किया है कि इन मौतों का संबंध जहरीली शराब से हो सकता है। कुछ परिजनों ने शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने और आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी कही है। हालांकि, इन मौतों का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस ने मृतकों के विसरा, शराब की बोतलों और दूसरे साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। प्रशासन की ओर से भी मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों के पीछे जहरीली शराब थी या कोई दूसरी वजह।