बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड के परकौली गांव पहुंचे। यहां उन्होंने रामपट्टी मंडल कारा में बंद रहने के दौरान मृत 19 वर्षीय रौशन कुमार यादव के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिया। तेजस्वी के पहुंचने से पहले ही गांव में बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग जुट गए थे। इस दौरान उन्होंने रौशन की बहन को मधुबनी मेडिकल कॉलेज में नौकरी देने का ऐलान भी किया।
परकौली पहुंचने के बाद तेजस्वी यादव ने सबसे पहले रौशन की मां और बहन से मुलाकात की। उन्होंने परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली और कहा कि राजद इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने परिवार को हर संभव आर्थिक और कानूनी मदद देने का भरोसा भी दिया। इसके बाद मंच से लोगों को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने रौशन की बहन को मधुबनी मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार को भी इस परिवार की तुरंत मदद करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें: खुद को CID का DSP बताकर लोगों से करता था ठगी, खुद फरार; घर से मिले हथियार
एनडीए सरकार पर साधा निशाना
मधुबनी सर्किट हाउस में तेजस्वी यादव ने नीतीश-भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रौशन यादव की मौत जेल में हुई है। सरकार इसे आत्महत्या बता रही है जबकि परिवार हत्या की आशंका जता रहा है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि रौशन की मौत आत्महत्या थी या हत्या लेकिन इस मामले में प्रशासन की लापरवाही जरूर सामने आई है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अफसरशाही चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि रौशन को जेल में प्रताड़ित किया गया और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराती है तो राजद सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगा।
तेजस्वी ने बताया कि इस मामले में राजद अपने वकीलों से बात कर रहा है। पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मानवाधिकार आयोग से मिलेगा। साथ ही मामले की पूरी जानकारी बिहार के डीजीपी को भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक रौशन के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता राजद उनके साथ खड़ा रहेगा। प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
गौरतलब है कि रौशन यादव की मौत रामपट्टी मंडल कारा में हुई थी। जेल प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है लेकिन परिजनों का आरोप है कि रौशन की हत्या की गई है और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इससे पहले जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी रौशन के परिजनों से मिलकर सांत्वना दे चुके हैं। अब तेजस्वी यादव के पहुंचने और नौकरी की घोषणा के बाद यह मामला फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में आ गया है।
यह भी पढ़ें: डेटिंग ऐप पर दोस्ती के बाद 72.94 लाख की ठगी, ऐसे फंसे पटना के 2 युवक
परकौली में जुटी बड़ी भीड़
तेजस्वी यादव के परकौली पहुंचने की खबर मिलते ही शाम से ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे। रात तक वहां काफी भीड़ जमा हो गई थी। राजद के कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रहे। इस दौरान लोगों ने तेजस्वी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है और गरीबों व कमजोर लोगों को न्याय के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
रौशन कुमार यादव बेनीपट्टी के परकौली गांव का रहने वाला था और उसकी उम्र 19 साल थी। कुछ दिन पहले उसे एक मामले में गिरफ्तार कर रामपट्टी मंडल कारा भेजा गया था जहां उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन का कहना है कि रौशन ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। वहीं परिजन इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका आरोप है कि रौशन के साथ मारपीट की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इसी मामले को लेकर परिवार और गांव के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
