बिहार के औरंगाबाद में रिश्तों को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। औरंगाबाद के टंडवा थाना क्षेत्र के एक गांव में युवक ने अपनी भतीजी से शादी कर ली। बेटे के इस कदम से आहत पिता ने गांव की नदी में उसका विधिवत पिंडदान कर दिया। पिता ने कहा कि अब उनकी नजर में बेटा मृत समान है। घटना के बाद लड़के की मां और मामा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है लेकिन लड़का और लड़की दोनों बालिग होने के कारण पुलिस ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, गांव के एक युवक ने अपनी मौसी की पोती से शादी कर ली। रिश्ते में लड़की उसकी भतीजी लगती है। इस शादी की जानकारी जब पिता को मिली तो वे सदमे में आ गए। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे परिवार, गांव और समाज में बदनामी हुई है।
आहत होकर पिता ने गांव की नदी किनारे बेटे का पिंडदान किया। तर्पण और पूजा कर उन्होंने एलान किया कि अब उनका बेटा उनके लिए मर चुका है। उन्होंने उससे सभी रिश्ते तोड़ लिए। लड़के की मां ने बताया कि पहले वे दूसरे गांव में किराए पर रहते थे। बड़ी बहन के कहने पर उन्होंने यहां जमीन खरीदकर घर बनाया। इसके बाद बेटे का मौसी के घर आना-जाना बढ़ गया। इसी दौरान उसकी बड़ी बहन की बेटी से नजदीकियां बढ़ गईं। मां का आरोप है कि पिछले साल परिवार ने युवती की शादी कहीं और तय की थी लेकिन युवती ने लड़के के सांवले रंग और उम्र अधिक होने का हवाला देकर इनकार कर दिया। इसके बाद युवती घर से भागकर युवक के साथ चली गई। उस समय युवती नाबालिग थी। बदनामी के डर से परिवार ने पुलिस में शिकायत नहीं की।
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बालिग होने पर कराई गई शादी
परिवार के अनुसार, कुछ समय बाद युवती के बालिग होने पर लड़की पक्ष ने दोनों को बुलाया और शादी करा दी लेकिन लड़के के मामा का आरोप है कि घर लौटने के बाद जब परिवार ने समझाया कि रिश्ते में लड़की उसकी भतीजी है तो युवक शादी से पीछे हट गया था। मामा ने आरोप लगाया कि इसके बाद लड़की पक्ष ने युवक को बुलाकर मारपीट की और जबरन शादी करा दी। मामा ने बताया कि शादी 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी से कराई गई।
दस्तावेज में लिखा है कि शादी दोनों परिवार की सहमति से हुई है। उनका आरोप है कि दस्तावेज पर लड़के के माता-पिता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहीं हस्ताक्षर नहीं किए हैं। मामा ने पहले टंडवा थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने मामला नहीं लिखा। इसके बाद वे औरंगाबाद एसपी कार्यालय पहुंचे और आवेदन दिया।
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पुलिस ने कार्रवाई से किया इनकार
टंडवा थानाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने बताया कि लड़के की मां ने आवेदन दिया है। उन्होंने कहा कि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं। दो वयस्कों की सहमति से हुई शादी में पुलिस कानूनन हस्तक्षेप नहीं कर सकती। थानाध्यक्ष ने बताया, 'आवेदन में बेटे को संपत्ति से बेदखल करने की भी मांग की गई है। यह सिविल प्रकृति का मामला है। इसमें कोर्ट के आदेश के बाद ही कार्रवाई हो सकती है।'
इस घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा है। लोगों का कहना है कि रिश्ते की मर्यादा तार-तार हुई है। वहीं, पिता का कहना है कि समाज में सिर उठाकर जीने के लिए उन्होंने ये कठोर फैसला लिया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई से इनकार कर चुकी है। पीड़ित परिवार अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।
