पंजाब के मानसा में मंगलवार को एक हत्याकांड हुआ था। नशा विरोधी अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा को एक मेडिकल स्टोर संचालक ने सबके सामने गोली मार दी थी। इस गोलीबारी में परविंदर सिंह झोटा की मौत हो गई। हत्या करने के बाद से ही आरोपी अश्विनी कुमार फरार हो गया था। अब उसे राजस्थान के चुरू से गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार को परविंदर झोटा की हत्या के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया था और लोगों ने उस मेडिकल स्टोर पर तोड़फोड़ भी की थी।
बताया गया है कि राजस्थान और पंजाब की पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर पहले तो आरोपी को ट्रेस किया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले को लेकर मंगलवार से ही पंजाब की राजनीति में खलबली मची हुई है। विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर हमला बोला है। विपक्षी नेताओं ने कानून व्यवस्था और ड्रग्स को लेकर AAP की भगवंत मान सरकार को लेकर सवाल उठाए हैं।
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परविंदर झोटा को क्यों मारी गई गोली?
परविंदर सिंह झोटा की हत्या उस वक्त कर दी गई थी जब वह सोशल मीडिया लाइव कर रहे थे और मेडिकल स्टोर मालिक से उनकी बहस हो रही थी। इस दौरान वह बार-बार नसीहत दे रहे थे कि मेडिकल स्टोर पर नशे वाली चीजें ना बेची जाएं। इसी बहस के दौरान मामला इतना आगे बढ़ गया कि दुकान चलाने वाली अश्विनी कुमार ने परविंदर सिंह झोटा को गोली मार दी। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
अब स्थानीय लोगों की मांग है कि इस मामले की CBI जांच करवाई जाए। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव का इस्तीफा भी मांगा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने एलान किया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, 15 अक्तूबर को पंजाब बंद का आह्वान भी किया गया है। मानसा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून व्यवस्था ना बिगड़े।
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
नशा विरोधी अभियान चलाने वाले परविंदर झोटा को सूचना मिली थी कि एक बुजुर्ग मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं खरीद रहा है। वह अपनी टीम के साथ पहंचे और फेसबुक लाइव शुरू कर दिया। वह लाइव वीडियो में ही अश्विनी कुमार से बहस कर रहे थे। अश्विनी ने पिस्टल दिखाई तो परविंदर ने कहा- तू मार, फायर मार, हम तुझे कुछ नहीं कह रहे हैं।
इसी के बाद अश्विनी ने परविंदर झोटा को 3 गोली मार दी। पुलिस ने कहा है कि यह व्यक्तिगत रंजिश का भी मामला है क्योंकि 2023 में परविंदर झोटा ने अश्विनी कुमार को प्रतिबंधित दवाएं बेचते हुए पकड़ा था और जूतों की माला पहनाकर बाजार में घुमाया था।
