महाराष्ट्र के मुंबई में सोमवार की देर रात चर्चगेट से नालासोपारा जाने वाली फास्ट लोकल ट्रेन में सफर के दौरान सिर्फ दरवाजा बंद करने को लेकर दो यात्रियों में बहस हो गई। इस ट्रेन का नंबर 90663 था और विवाद इसके फर्स्ट-क्लास डिब्बे में हुआ था। बाहर बहुत तेज बारिश हो रही थी और पानी अंदर आ रहा था। पानी रोकने के लिए दरवाजा बंद करने को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ था। इस झगड़े में एक शख्स की हत्या कर दी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, गेट बंद करने को लेकर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि एक अनजान हमलावर ने 22 साल के सेल्समैन मयंक लोहार के पेट में चाकू घोंप दिया और ट्रेन के बोरीवली स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले चलती ट्रेन से कूदकर भाग गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मयंक की मौत हो गई। मयंक विरार इलाके का रहने वाला था और अंधेरी वेस्ट के एक स्टोर में काम करता था। सोमवार की रात वह अपनी ड्यूटी खत्म करके हमेशा की तरह घर लौट रहा था। उसने रात 10:05 बजे चर्चगेट से यह ट्रेन पकड़ी थी।
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डिब्बे के अंदर का झगड़ा
यह ट्रेन रात 10:42 बजे अंधेरी स्टेशन पहुंची, जहां से मयंक इस फर्स्ट-क्लास डिब्बे में चढ़ा था। उस समय डिब्बे में वह हमलावर भी मौजूद था। ट्रेन में काफी भीड़ थी और दोनों दरवाजे के पास ही खड़े थे। तेज बारिश का पानी अंदर आने के कारण मयंक ने उसे दरवाजा बंद करने को कहा था। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हो गई। गुस्सा इतना बढ़ गया कि उस यात्री ने हथियार निकाला और मयंक के पेट पर वार कर दिया जिससे मयंक खून से लथपथ हो गया। ट्रेन जब रात के ठीक 11:04 बजे बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंचने वाली थी, तभी रफ्तार धीमी होते ही हमलावर चलती ट्रेन से नीचे कूद गया और स्टेशन से फरार हो गया।
अस्पताल पहुंचाने की पूरी कोशिश
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे की टीम तुरंत एक्टिव हो गई। ट्रेन रुकने के ठीक तीन मिनट बाद यानी रात 11:07 बजे पुलिस के जवान डिब्बे में पहुंचे और घायल मयंक को संभालने में जुट गए। रात 11:10 बजे स्ट्रेचर, कुली और डॉक्टरों को डिब्बे के पास बुलाया गया और रात 11:12 बजे मयंक को आराम से बाहर निकाला गया।
रात 11:22 बजे उसे बोरीवली स्टेशन के रेलवे मेडिकल बुम ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने शुरुआती जांच की। इसके बाद रात 11:22 से 11:42 बजे तक अधिकारी उसे बड़े अस्पताल भेजने की तैयारी करते रहे। रात 11:42 बजे डॉक्टर की सलाह पर मयंक को शताब्दी अस्पताल भेजने के लिए एम्बुलेंस में रखा गया जिसका नंबर MH-02-CE-9996 था। इस गाड़ी से उसे कांदिवली के शताब्दी अस्पताल भेजा गया। एम्बुलेंस रात 11:52 बजे अस्पताल पहुंच गई लेकिन मयंक के घाव बहुत गहरे थे और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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परिवार का हाल
मयंक की मौत से उसके माता-पिता, एक बहन और तीन भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। मंगलवार की सुबह रेलवे के बड़े अधिकारी भी हालात का जायजा लेने बोरीवली स्टेशन पहुंचे। बोरीवली रेलवे पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और सीसीटीवी फुटेज चेक किया जा रहे हैं। फुटेज में आरोपी काली शर्ट और काली पैंट पहने दिख रहा है और उसके हाथ में चाकू है। पुलिस डिब्बे में मौजूद अन्य चश्मदीद यात्रियों से भी पूछताछ कर रही है।


