बिहार के मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड की कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में जदयू विधायक कोमल सिंह को बाढ़ पीड़ितों के गुस्से का सामना करना पड़ा। बाढ़ आए 6 दिन बीत जाने के बाद भी राहत नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने विधायक की गाड़ी को घेर लिया और जमकर हंगामा किया।
विधायक बाढ़ प्रभावित इलाके में बाढ़ पीड़ितों का हाल-चाल लेने पहुंची थीं। वहां महिलाओं और पुरुषों की भीड़ जमा हो गई। लोग राहत सामग्री, सामुदायिक किचन और जीआर राशि की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। ग्रामीण महिलाओं ने विधायक से कहा की वोट मांगते वक्त अपने को गांव की बेटी बताती हैं लेकिन विपदा में 6 दिन तक कहीं नजर नहीं आईं।
बाढ़ पीड़ितों ने विधायक के सामने अपनी व्यथा सुनाई। ग्रामीणों का आरोप था कि बाढ़ आए एक सप्ताह से ज्यादा हो गया है लेकिन न ही विधायक और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि सुध लेने पहुंचा। लोगों ने कहा कि गांव की सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं। अधिकांश घरों में पानी घुसा हुआ है।
बाढ़ पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। अभी तक अधिकांश लोगों को पॉलीथीन तक नहीं मिली है। राहत सामग्री का वितरण भी नहीं हुआ है। खाने-पीने की भारी किल्लत है। बाढ़ पीड़ितों ने विधायक से सीधे कहा कि यदि आप नहीं आ सकीं तो आपके प्रशासन और सहयोगियों को तो आना चाहिए था। कम से कम सामुदायिक रसोई ही शुरू करवा देतीं। बच्चे भूखे हैं। ग्रामीणों ने विधायक से गांव का दौरा कर बाढ़ से हुई तबाही खुद देखने की मांग की।
यह भी पढ़ें: पेट में पल रहे बच्चे को मानने से किया इनकार, बीवी को इतना मारा कि हो गया गर्भपात
विधायक की गाड़ी को घेर लिया
विधायक जब ग्रामीणों की बात सुनकर लौटने लगीं तो लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ितों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और राहत कार्य शुरू कराने की मांग पर अड़ गए। स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौके पर मौजूद अंचल अधिकारी, प्रखंड प्रमुख श्रवण कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य रीना देवी और संजागर सहनी ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण एक स्वर में सामुदायिक किचन तत्काल शुरू करने, सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री देने और जीआर यानी ग्रेच्युटस रिलीफ की राशि जल्द जारी करने की मांग कर रहे थे।
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर विधायक को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला गया। विधायक कोमल सिंह ने कहा कि उनकी मांगें जायज हैं और जल्द राहत कार्य शुरू कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें: सीवान गोलीकांड पर तेजस्वी का सवाल, अब राज्यपाल से मिलकर करेंगे शिकायत
विधायक ने 24 घंटे में राहत शुरू कराने का दिया भरोसा
हंगामे के बाद विधायक कोमल सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सीओ को निर्देश दिया कि 24 घंटे के अंदर कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में सामुदायिक किचन शुरू किया जाए। साथ ही सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को पॉलीथीन, सूखा राशन और पानी उपलब्ध कराया जाए।
प्रखंड प्रमुख श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ से पंचायत की 500 से ज्यादा घर प्रभावित हैं। सूची बनाकर जल्द राहत वितरण शुरू किया जाएगा। सीओ ने भी आश्वासन दिया कि सामुदायिक रसोई चलाई जाएगी। फिलहाल गांव में प्रशासन की टीम कैंप कर रही है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर 2 दिन में राहत नहीं मिली तो वे फिर आंदोलन करेंगे।
