लखनऊ। अलीगढ़ में निवेश और आर्थिक योजनाओं के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी जुनैद अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के बाद वित्तीय कंपनी शुरू की थी।
पुलिस के मुताबिक उसकी कंपनी के जरिए एएमयू के प्रोफेसर, कर्मचारी और अन्य लोगों समेत करीब 300 से 400 लोगों से रकम निवेश कराई गई। शिकायत में करीब 400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। आरोपी के खिलाफ क्वार्सी और सिविल लाइंस थाने में करीब पांच मुकदमे दर्ज हैं।
एएमयू से पीएचडी के बाद खोली कंपनी
पुलिस के अनुसार जुनैद अहमद मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। वह फिलहाल अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र स्थित अनूपशहर रोड के गुलिस्ता अपार्टमेंट में रह रहा था। जुनैद ने वर्ष 2019 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पीएचडी पूरी की थी। इसके बाद उसने एक निजी वित्तीय कंपनी में नौकरी की। वर्ष 2022 में उसने साइना फाइनेंशियल एडवाइजर नाम से अपनी कंपनी शुरू की और उसका संचालन खुद करने लगा।
यह भी पढ़ें: हत्यारे को 34 साल ढूंढती रही पुलिस, राशन कार्ड, आधार सब बनता रहा, अब हो गई मौत
400 लोगों से निवेश के नाम पर रकम लेने का आरोप
पुलिस के मुताबिक जुनैद की कंपनी मेरिस रोड स्थित लैंडमार्क मॉल से संचालित होती थी। आरोप है कि कंपनी ने निवेश और विभिन्न आर्थिक योजनाओं का लालच देकर एएमयू से जुड़े करीब 300 से 400 कर्मचारियों और अन्य लोगों से रकम ली। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि लोगों से बड़ी रकम निवेश कराने के बाद उनके साथ धोखाधड़ी की गई। पूरे मामले में कथित तौर पर करीब 400 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप सामने आया है।
पांच मुकदमे दर्ज, लंबे समय से चल रहा था फरार
जुनैद के खिलाफ शिकायतों के आधार पर पुलिस ने पांच मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें क्वार्सी और सिविल लाइंस थाने में दर्ज धोखाधड़ी से जुड़े मामले शामिल हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह भी पढ़ें: ट्रेन को ही बना दिया ठेका! कोच अटेंडेंट के पास मिली 109 बोतल अंग्रेजी शराब
रकम वापसी और अन्य आरोपियों की भूमिका पर नजर
जुनैद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि निवेश के नाम पर कितनी रकम जुटाई गई और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से तीन फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों के इस्तेमाल और आरोपी से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
