उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जहां एक महिला कथित तौर पर लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाती थी, जिसके बाद उसके पिता युवकों को प्राइवेट तस्वीरों और वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करता था। पुलिस के सामने यह तब आया, जब वाल्टरगंज के थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या की थी। पुलिस अधिकारियों ने आत्महत्या के मामले की जांच-पड़ताल की थी, तो पुलिस को ब्लैकमेल करने वाले गैंग के खिलाफ सबूत मिले। पुलिस ने ब्लैकमेल करने वाले गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

 

वाल्टरगंज के थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त को आत्महत्या की थी। उन्होंने अपनी जान सरकारी आवास में ही ली थी, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच-पड़ताल शुरू की थी। पुलिस को पता चला कि 32 साल की प्रियंका चौधरी कथित तौर पर सूर्य प्रकाश सिंह को ब्लैकमेल कर रही थी। प्रियंका के साथ कथित तौर पर उनके पिता राम नयन चौधरी और  विजय प्रकाश यादव भी दे रहे थे। पुलिस ने इन्हीं 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

 

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ब्लैकमेल गैंग का पर्दाफाश

थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या की घटना से उनका परिवार परेशान था। जिसके बाद सूर्य प्रकाश के बेटे संदीप ने 5 सितंबर को बस्ती कोतवाली में पुलिस कंप्लेंट कराई। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच-पड़ताल शुरू की। उसी दौरान पुलिस ने सूर्य प्रकाश सिंह के मोबाइल फोन की कॉलिंग डिटेल निकाली, जहां उन्हें आरोपी प्रियंका के बारे में पता चला।

 

पुलिस की जांच-पड़ताल के मुताबिक, प्रियंका चौधरी कथित तौर पर सूर्य प्रकाश सिंह को ब्लैकमेल कर रही थी, जिससे परेशान होकर सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या की थी। पुलिस की जांच-पड़ताल के मुताबिक, 29 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर वकील विजय ने सूर्य प्रकाश को कॉल किया था, जिसके बाद सूर्य ने आत्महत्या की थी। हैरानी की बात यह है कि सूर्य प्रकाश सिंह अकेले व्यक्ति नहीं थे, जिन्हें प्रियंका ने कथित तौर पर ब्लैकमेल किया था। इससे पहले प्रियंका कई लोगों को कथित तौर पर ब्लैकमेल कर चुकी थी।

 

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पहले दोस्ती फिर ब्लैकमेलिंग

पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रियंका पहले लोगों से दोस्ती करती थी। जिसके बाद यह दोस्ती प्यार में तब्दील हो जाती थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी प्रियंका लोगों के साथ प्राइवेट मोमेंट रिकॉर्ड करवा लेती थी। उसी वीडियो के जरिए पीड़ित लोगों को ब्लैकमेल करती थी और रुपये ऐंठती थी।

 

पुलिस की जांच के अनुसार, प्रियंका वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गंधार गांव में रहती थी, जो अपने पति से 10 साल पहले ही अलग हो गई थी। उसके बाद से ही वह अपने पिता के घर रह रही थी। प्रियंका ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। पुलिस ने दावा किया कि इस ब्लैकमेलिंग के षड्यंत्र में प्रियंका के पिता भी कथित तौर पर उसका साथ देते थे।