उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया है। डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव पर आरोप है कि वह बच्ची को जिला अस्पताल से घर छोड़ने के बहाने अपने साथ ले गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उसे चीउटहा पुल के पास नदी किनारे सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद बच्ची की गर्दन तोड़कर और हाथ बांधकर शव नदी में फेंकने की बात पुलिस पूछताछ में सामने आई है।
आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा है। आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाए जाने पर अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर छोड़ने के बहाने बच्ची को ले गया था सिपाही
पुलिस के अनुसार, अभिषेक यादव की मंगलवार को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चीउटहा पुल के पास ड्यूटी थी। ड्यूटी खत्म करने के बाद वह करीब साढ़े 8 बजे दवा लेने जिला अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि वहां मौजूद 10 वर्षीय बच्ची को उसने घर छोड़ने की बात कही और अपने साथ ले गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अस्पताल से निकलने के बाद वह बच्ची को नदी किनारे सुनसान स्थान पर ले गया। यहीं वारदात को अंजाम देने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची के साथ करीब एक घंटे तक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने बच्ची के हाथ पीछे बांधे और शव नदी में फेंक दिया।बच्ची के शव की हालत देखकर घटना की भयावहता सामने आई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट को भी विवेचना में शामिल किया जा रहा है।
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बड़ी बहन ने खोली वर्दी वाले शख्स की कड़ी
बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। अस्पताल पहुंचने पर बड़ी बहन ने बताया कि बच्ची रात करीब 10 बजे वहां से निकल गई थी। उसने यह भी बताया कि अस्पताल में वर्दी पहने एक व्यक्ति बच्चियों से पूछताछ कर रहा था और घर पहुंचाने की बात कह रहा था। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। बच्ची की तलाश के दौरान मामला गंभीर होता गया और आखिरकार उसकी मौत की खबर सामने आई।
इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। गुरुवार को पिता ने अपनी मासूम बेटी का अंतिम संस्कार किया। इसी दौरान गर्भवती मां को प्रसव पीड़ा हुई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने बेटे को जन्म दिया। बड़ी बहन ने बताया कि परिवार में भाई का इंतजार था और बच्ची भी छोटे भाई के आने को लेकर उत्साहित थी लेकिन जिस दिन घर में बेटे की किलकारी गूंजी, उसी दिन परिवार ने अपनी बेटी को खो दिया।
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पहले भी जेल जा चुका है आरोपी सिपाही
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के मुताबिक, अभिषेक यादव 2016 बैच का सिपाही है। 2018 में उसकी सेवा में नियुक्ति हुई थी। वह मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है और घटना के समय डायल-112 में तैनात था। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में भी वह बंगाल की एक युवती से छेड़खानी के मामले में जेल जा चुका था। सितंबर 2025 में उसकी बहाली हुई थी। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर रही है। बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी सिपाही गिरफ्तार हो चुका है।
पुलिस घटनास्थल, अस्पताल से बच्ची के निकलने, आरोपी की गतिविधियों और शव नदी तक पहुंचने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
