छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल ने बलात्कार के दोषी आसाराम की किताब बांट दी। इतना ही नहीं छात्रों को किताब में दी गई जानकारी के आधार पर एक परीक्षा की तैयारी करने को भी कहा। शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को उनके पद से हटा दिया है और फिलहाल उन्हें उप शिक्षा निदेशक के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। बच्चों के हाथ में आसाराम की किताब देख माता-पिता भी भड़क गए। 

 

प्रिंसिपल का नाम महेश प्रजापति बताया जा रहा है। घटना छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल की है, जहां प्रिंसिपल ने 'संस्कार सरिता' नाम की किताब बंटवाई। इस किताब में आसाराम की तस्वीरें और उनके विचार छपे थे।      

 

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बच्चों के माता-पिता ने दर्ज कराई शिकायत

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों की हाथ में आसाराम की किताब देख बच्चों के माता पिता ने रघुनाथनगर स्थित 'स्वामी आत्मानंद स्कूल' की शिकायत अधिकारियों से की। उन्होंने सवाल उठाया कि एक दोषी यौन अपराधी से जुड़ी संस्था द्वारा प्रकाशित सामग्री उनके बच्चों पर क्यों थोपी गई? इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र निरापुरे ने शिकायतों के आधार पर जांच के आदेश दिए। 


साथ ही वाड्रफनगर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्याम किशोर जायसवाल ने स्कूल का दौरा किया और छात्रों और उनके अभिभावकों के बयान दर्ज किए। कुछ छात्रों ने जांच टीम को बताया कि 'संस्कार सरिता' नाम की इस पुस्तिका में आसाराम की तस्वीरें और उनके विचार छपे थे, जिसे प्रिंसिपल महेश प्रजापति ने तब बंटवाया था। 

स्कूल आए थे संस्था से जुड़े लोग

बताया जा रहा है कि आसाराम की संस्था से जुड़े कुछ लोग स्कूल आए थे। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को उनके पद से हटा दिया है और फिलहाल उन्हें उप शिक्षा निदेशक के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।