मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का साथ मिला है। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव से शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाए जाने और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को भेजे गए नोटिस वापस लेने का आग्रह करते हुए एक पत्र लिखा है। राहुल गांधी का यह पत्र तब आया है जब मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थी बड़े पैमाने पर आंदोलन कर रहे हैं।
बीते 29 सितंबर को लिखे इस पत्र में राहुल गांधी ने सीएम से शिक्षक भर्ती-2025 में वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लाखों की संख्या में पद खाली हैं लेकिन सरकारी भर्ती हजारों की संख्या में हो रही है। पत्र में राहुल गांधी ने शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों को हो रहे नुकसान पर चिंता जाहिर की है।
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राहुल गांधी ने चिट्ठी में क्या लिखा है?
राहुल गांधी ने लिखा, 'मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक लाख से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं और इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। इसके बावजूद शिक्षक भर्ती-2025 में वर्ग-3 के 13,089 और वर्ग-2 के 10,800 पदों पर ही भर्ती निकाली गई है।'
राहुल गांधी, नेता विपक्ष, लोकसभा:-
अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए हैं, बकि कई अभ्यर्थी गेस्ट टीचर के रूप में स्कूलों में सेवाएं भी दे रहे हैं। सीमित पदों के कारण उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिल पा रही है और इंतजार के दौरान कई अभ्यर्थी आयु सीमा के करीब पहुंच गए हैं।
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मजबूरी में आंदोलन कर रहा विपक्ष?
राहुल गांधी ने कहा कि अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों को आंदोलन और भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि उनकी बात सुनने की बजाय सरकार की ओर से आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
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मोहन यादव से क्या चाहते हैं राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के नोटिस वापस लेने और प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने के साथ दूसरे चरण की काउंसलिंग जल्द शुरू करने की भी मांग की।
