बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार मूल के विदेश सेवा (IFS) अधिकारियों से मुलाकात की। लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्य के पर्यटन स्थल और उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने को लेकर अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने माना कि बिहार के पर्यटन स्थलों और उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में विदेश सेवा के अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, बिहार के लोग अपनी मेहनत, प्रतिभा और लगन से देश-दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ जन्मभूमि के विकास में भी योगदान देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार उन्हें जमीन पर उतारने की कोशिश भी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार भगवान बुद्ध और महावीर की धरती है। इसे सही तरीके से दुनिका के सामने पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के भागलपुरी पेंटिंग और मुधबनी पेंटिंग को भी वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत है।
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'बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बोधगया, नालंदा, राजगीर, वैशाली जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थल बिहार में हैं। भगवान बुद्ध और महावीर की धरती बिहार है। यहां के पर्यटन स्थलों को यदि सही तरीके से दुनिया के सामने पेश किया जाए तो बिहार पर्यटन के क्षेत्र में बहुत आगे निकल सकता है। विदेश सेवा के अधिकारी विभिन्न देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे वहां बिहार के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर सकते हैं। इसी तरह बिहार के उत्पाद जैसे मिथिला पेंटिंग, भागलपुरी सिल्क, मधुबनी पेंटिंग, बिहारी व्यंजन और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को भी वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की जरूरत है।'- सम्राट चौधरी, बिहार के मुख्यमंत्री
'बिहार अब बदल रहा है'
मुख्यमंत्री ने माना कि बिहार आने के लिए लोगों के न सही जानकारी है न कनेक्टिविटी। उन्होंने कहा कि, 'कई देशों में बिहार के पर्यटन स्थलों के बारे में लोग जानते तो हैं, लेकिन सही कनेक्टिविटी की कमी के कारण वे यहां नहीं आ पाते। अगर सरकार विदेशों में बिहार पर्यटन के लिए विशेष अभियान चलाए तो पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। बिहार के युवाओं को विदेशों में रोजगार और शिक्षा के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए। सरकार बिहार की सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने पेश करने के लिए लगातार काम कर रही है। बिहार अब बदल रहा है। कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना में सुधार हुआ है। अब जरूरत है कि इस बदले हुए बिहार की कहानी दुनिया तक पहुंचाई जाए। इसमें विदेश सेवा के अधिकारियों का सहयोग बहुत जरूरी है।'
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वैश्विक पहचान है लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का लक्ष्य बिहार को वैश्विक पहचान दिलाने की है। उन्होंने यह बात बिहार मूल के IFS अधिकारियों से कही। उन्होंने इसमें अधिकारियों की भूमिका को अहम माना। उन्होंने कार्यक्रम में यह भी कहा कि विदेश सेवा के अधिकारियों के साथ मिलकर सरकार एक रोडमैप तैयार करने वाली है। इस रोपमैप का लक्ष्य बिहार के पर्यटन और उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की होगी।
