तमिलनाडु में चेन्नई के GEM ग्रेनाइट्स के चेयरमैन आर. वीरामणि की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। साल 2004 में एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने और उसे खुदकुशी के लिए मजबूर करने के गंभीर मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ POCSO कानून के तहत एक नया केस दर्ज किया है। आपको बता दें कि वह पहले से ही एक अन्य POCSO मामले में पुझल जेल में बंद हैं।

 

दरअसल, दशकों पुराने इस केस में मोड़ तब आया जब अधिकारियों के हाथ एक मैसेज लगा। इसमें वीरामणि से उस लड़की की मौत को लेकर सवाल पूछा गया था। मैसेज सामने आने के बाद पीड़िता की मां ने पुलिस में नई शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। साथ ही मामले की नए सिरे से छानबीन शुरू की गई।

 

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क्या था मामला?

वीरामणि के खिलाफ पहले भी यौन उत्पीड़न के मामले में आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इस मामले में तीन अन्य महिलाओं के बयानों की भी जांच कर रही है, जिन्होंने पहले कभी इन पर आरोप लगाए हैं।  एक और मिली शिकायत के आधार पर पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि उत्पीड़न का शिकार होने के बाद उनकी नाबालिग बेटी ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस इस मामले की भी अलग से जांच कर रही है। एक और मामले में पीड़िता की मां ने POCSO एक्ट में नाबालिग बेटी के उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। जिसकी जांच अब SIT कर रही है। 

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस के अनुसार, सह-आरोपी शांति अपने घर पर नाबालिग लड़कियों को वीरामणि के पास लाती थी और बाद में सबूत मिटाने में मदद करती थी। शांति के पति महेंद्र सिम्हन भी इस मामले में आरोपी हैं। जांच में सामने आया है कि वीरामणि के बैंक अकाउंट से शांति को लगभग 24 करोड़ रुपये और उसके पति को 2 करोड़ रुपये भेजे गए थे। इसके अलावा, पीड़िता के परिवार को भी 2004 में दो बार एक-एक लाख रुपये दिए गए थे। पुलिस ने 20 करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले बैंक खातों को बंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही जब्त किए गए चीजों की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि क्या अन्य लड़कियां भी शिकार बनी थीं।

 

चेन्नई की विशेष POCSO कोर्ट में जज एस. पद्मा के सामने सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों सह-आरोपियों की जमानत का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कहा कि आरोपियों के बाहर रहने से गवाहों पर दबाव बनाने और सबूत मिटाने का खतरा है। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने गिरफ्तारी को गलत बताते हुए जमानत की मांग की है। कोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। SIT जल्द ही इस पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।

 

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आम जनता से अपील

चेन्नई पुलिस ने आम जनता से इस मामले में अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि किसी के पास इस मामले या आरोपी से जुड़ी कोई भी जानकारी या शिकायत है, तो वे बिना डरे सामने आएं। पुलिस ने इस मामले में संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। लोगों को  9345319676 नंबर पर कॉल या व्हाट्सएप के जरिए सूचना देने को कहा गया है। साथ ही पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।