हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण में पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर को उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा, ताकि यह प्रदेश के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में अधिक सक्षम बने।
बिलासपुर जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री एम्स पहुंचे और चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि दिसंबर 2026 तक सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में उपचार के लिए आने वाले लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं हासिल हो सके।
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प्रोफेसरों के मापदंड में मिलेगी छूट
उन्होंने कहा कि इससे सुनिश्चित होगा कि प्रदेशवासियों को उत्तम स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत न हो। सीएम सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए क्रांतिकारी निर्णय लिए जा रहे हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार उन्हें बेहतर वेतन एवं अन्य लाभ प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को प्रोफेसर के पद पर डेजिग्नेट करने के लिए प्रदेश सरकार मापदंडों में छूट प्रदान कर रही है।
अस्पतालों में स्थापित की जा रही टेस्ला एमआरआई मशीनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में डायग्नोस्टिक सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला एवं एआईएमएसएस चमियाना में 3-टेस्ला मशीनें स्थापित की गई हैं। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाईएस परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला और सिविल अस्पताल पालमपुर में 1.5-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं।
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मेडिकल सीटें 330 तक ले जाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीजी मेडिकल सीटों में 330 सीटों की वृद्धि का लक्ष्य स्थापित किया, जिससे राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायता होगी। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जीन थेरेपी और फोटो थेरेपी के क्षेत्र में कार्य आरंभ किए हैं और यूनाइटेड स्टेट्स के चिकित्सकों के साथ उनकी विशेषज्ञता और सहयोग के लिए चर्चा की जा रही है।
