त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ अपने दफ्तर में मृत पाए गए है। वह पुलिस हेडक्वार्टर में थे, वहीं उनकी लाश मिली है। उनकी मौत के बाद तत्काल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा मौके पर पहुंचे। उनकी मौत के बाद से ही पुलिस महकमे में सन्नाटा है। अनुराग धनखड़ को आनन-फानन में गोविंद वल्लभ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया है।

सीनियर पुलिस अधिकारी, इस मौत पर कुछ कहने से बच रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी। पुलिस जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करने वाली है। घटना के विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा है। अनुराग धनखड़ की खुदकुशी के तत्काल बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जेके सिन्हा और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी अस्पताल पहुंचे। समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कथित तौर पर खुदकुशी की है। 

 

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कौन थे अनुराग धनखड़?

अनुराग धनखड़ 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और त्रिपुरा कैडर के थे। वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। उन्होंने मई 2025 में राज्य के डीजीपी पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वह डीजीपी (इंटेलिजेंस) के रूप में काम कर चुके थे। लगभग 30 साल से ज्यादा की सेवा में वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 

अनुराग धनखड़ ने लोंगथराई वैली में स्पेशल ड्यूटी पुलिस ऑफिसर (SDPO), पश्चिम और दक्षिण त्रिपुरा जिलों में पुलिस अधीक्षक, स्पेशल ब्रांच में एसपी और AIGP (मुख्यालय) जैसे पद संभाले। साल 2003-04 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन में कोसोवो में भी काम किया।

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उपलब्धियां क्या रहीं?

केंद्र सरकार के अधीन उन्होंने CBI में एसपी और DIG के रूप में 2005 से 2013 तक सेवाएं दी थीं। वापस त्रिपुरा लौटकर वह 2013-16 के बीच IGP (लॉ एंड ऑर्डर) रहे। साल 2016 से 2023 तक सीआईएसएफ और सीबीआई में अलग-अलग पदों पर वह रहे हैं। 

अनुराग धनखड़ साल 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गृह मंत्रालय द्वारा गठित विशेष जांच टीम के प्रमुख भी रह चुके थे। अनुराग धनखड़ को पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका था।